प्रकृति हूं मैं कदर करो जल मैं, अग्नि मैं, वायु मैं ।वृक्ष,जीव,प्राणी, अचल हूं मैं ।। स्वर्ग का द्वितीय रूप मैं ।ईश्वर का महा चमत्कार मैं।। मनमोहक सा दिखता हूं ।मनमोहित मैं करता हूं ।। जिधर देखो , उधर हूं मैं ।हर तरफ हर जगह हूं मैं ।। चंद्र मैं , सूर्य मैं , भू…