आस दिल में जिसकी रही पहले
आस दिल में जिसकी रही पहले

आस दिल में जिसकी रही पहले

(Aas Dil Mein Jiski Rahi Pahle )

 

 

आस दिल में जिसकी रही पहले

आज  उससे  नज़र  रही  पहले

 

बैठा पहलू में वो हंसी मुखड़ा

राह में जो मिला कभी पहले

 

नम भरी आज प्यार में आँखें

थी  लबों  पे  हंसी भरी पहले

 

प्यार की बातें बाद में करना

दूर कर दिल से बेरुखी पहले

 

आज तो दोस्ती का गुल भेजा

दुश्मनी थी जिससें कभी पहले

 

तू मिला हाथ दोस्ती का फ़िर

बंद कर पीनी मयकशी पहले

 

नफ़रतों की फ़ैली है बू आज़म

प्यार थी यहां ताज़गी पहले

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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