Chandan

चंदन | Chandan

चंदन

( Chandan ) 

चंदन शब्द
से ही एक अद्भुत
भीनी-भीनी सुगंध
की अनुभूति होती है
चंदन के वृक्ष पर
हजारों विषधर
लिपटे हुए रहते हैं
फिर चंदन अपनी
गुणवत्ता को नहीं
खोता ठीक वैसे
ही मानव का भी
आचरण हो जाए
तो सारी धरती
प्रेम करुणा सद्भाव
की सुगंध से सुवासित
हो जाए प्रेम प्यार मनुहार
के दृष्टि सुमन से सारी
सृष्टि महक उठेगी
नैसर्गिक सौंदर्य को
यदि सहज कर रखें
तो हर तरफ़ का
वातावरण महक
उठेगा और मलय
की सुगंध से यह
धरती सराबोर हो
जाएगी।बस जरुरत
है की मानव का
व्यवहार चंदन की
तरह शीतल सुगंधित
हो जिसकी खुश्बू
सारे संसार को
महका दे।

कवयित्री: दीपिका दीप रुखमांगद
जिला बैतूल
( मध्यप्रदेश )

यह भी पढ़ें : 

पर्यावरण की व्यथा | Paryavaran ki Vyatha

Similar Posts

  • चलिए तो तीरथ | Chaliye to Tirath

    चलिए तो तीरथ ( Chaliye to Tirath )   एक पल तू- गीत उर गुनगुनाले संग अपंग होले रंग मायूस चढ़ाले खुशियां गुरबे बांट ले खामोशियां वक्त की छट जाएगी एक पल तू- मीत मन बिठाले गले हंसके लगाले प्रेम ह्रदय बसाले दुख जन हरले खाइयां ताउम्र मिट जाएगी एक पल तू- प्रीत जग जगाले…

  • न जाने कौन हूं मैं | Kaun hoon main kavita

    न जाने कौन हूं मैं (  Na jane kaun hoon main )   न जाने कौन हूं मैं… गहन तिमिरान्ध में प्रकाश हूं मैं, छलकते आंसुओं की आस हूं मैं गृहस्थ योगी यती संन्यास हूं मैं, विरह कातर अधर की प्यास हूं मैं। किसकी ललचाई दृगन की भौंन हूं मैं।। न जाने कौन हूं मैं…….

  • श्री राम सिया की विवाह पंचमी आयी

    श्री राम सिया की विवाह पंचमी आयी श्री राम सिया का विवाह महोत्सव आयाभव्य मंडप सजा विवाह उत्सव का। आज शुभ मुहूर्त अगहन मास की पंचमी कादशरथ नंदन जनक दुलारी के विवाह का। चारों दिशाओं कोने कोने से राजकुमार है आयेशिव धनुष हिला ना सका एक भी बलवान । दुख से जनक का दिल दहला…

  • जेठ की दुपहरी | Jeth ki Dupahari

    जेठ की दुपहरी ( Jeth ki Dupahari )   तू चलना मत छोड़ना, आगे बढ़ना मत छोड़ना। सफलता मिले या ना मिले, पीछे मुड़कर कभी ना देखना।। तू परेशानियों से ना घबरा, जेठ की दुपहरी से मत कतरा। डगमगा मत अपनें पाँवो से, दौड़ता चल अपनी रफ्तार से।। तू दौड़ में प्रथम भले ही ना…

  • एक रोटी | Ek Roti

    एक रोटी ( Ek Roti )   एक रोटी जो कल शाम की रोटीदान में रखी थी जो गली से कुत्ता आया रोटीदान को तोड़ रोटी उठा ले गया अब इंतजार है रोटी कहां से पैदा करें घर में दो चीज़ है एक मैं और एक रोटीदान मेरे बच्चों की निगाह उस कुत्ते की तरफ…

  • बहना | Kavita Bahna

    बहना ( Bahna ) जीवन को महकाती बहना हर ग़म को सह जाती बहना । मां की ममता स्नेह पिता का सब हम पर बरसाती बहना ।।१। गोद लिए टहलाती बहना अक्षर ज्ञान कराती बहना । डगमग करते पाँव कभी तो उँगली पकड़ चलाती बहना ।।२। गलती पर गुर्राती बहना प्रेम सहित समझाती बहना ।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *