चंदन | Chandan

चंदन

( Chandan ) 

चंदन शब्द
से ही एक अद्भुत
भीनी-भीनी सुगंध
की अनुभूति होती है
चंदन के वृक्ष पर
हजारों विषधर
लिपटे हुए रहते हैं
फिर चंदन अपनी
गुणवत्ता को नहीं
खोता ठीक वैसे
ही मानव का भी
आचरण हो जाए
तो सारी धरती
प्रेम करुणा सद्भाव
की सुगंध से सुवासित
हो जाए प्रेम प्यार मनुहार
के दृष्टि सुमन से सारी
सृष्टि महक उठेगी
नैसर्गिक सौंदर्य को
यदि सहज कर रखें
तो हर तरफ़ का
वातावरण महक
उठेगा और मलय
की सुगंध से यह
धरती सराबोर हो
जाएगी।बस जरुरत
है की मानव का
व्यवहार चंदन की
तरह शीतल सुगंधित
हो जिसकी खुश्बू
सारे संसार को
महका दे।

कवयित्री: दीपिका दीप रुखमांगद
जिला बैतूल
( मध्यप्रदेश )

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