चंद्रयान चंद्र पर | Chandrayaan Chandra par

चंद्रयान चंद्र पर

( Chandrayaan Chandra Par ) 

 

चंद्रयान चंद्र पर पहुंचा प्यारा ध्वज तिरंगा लहराया।
अधरो पे मुस्कान मोहक खुशियों का मौसम आया।

राष्ट्रहिंद का विश्व पटल पर विजय शंखनाद हुआ।
वैज्ञानिक उपलब्धि पाये शुभ कर्म निर्विवाद हुआ।

आज वतन की रग रग में गौरव लालिमा छाई है।
चंद्रयान सफल रहा मन में घटा प्रेम की आई है।

जन-जन झूम-झूमके गाता मेरा भारत प्यारा।
चंद्र धरा तक पहुंच गया इक चंद्रयान सितारा।

इक दूजे को दे रहे बधाई घर-घर में बंटे मिठाई।
गली गली में चर्चे-चलते घड़ी खुशियों की आई।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

टिकने नहीं देते चोटी पर | Tikne Nahi Dete

Similar Posts

  • वर्जिन सुहागन | Kavita Virgin Suhagan

    वर्जिन सुहागन ( Virgin Suhagan ) कब मेरा अस्तित्व, वेदनाओं, संवेदनाओं,दर्दो ओ ग़म का अस्तित्व बना पता ही न चला। एहसासों के दामन तले जीते गए भीतर और भीतर मेरे समूचे तन ,मन प्राण में, उपजे मासूम गुलाबों को, कब हां कब तुमने कैक्टस में बदलना शुरू किया, हमें पता ही न चल पाया। अहसास…

  • शब्दों का सफर | अहमियत

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   अहमियत अहमियत उनको दो जो सच खातिर लड़ सके बात कहने का हौसला हो सच्चाई पे अड़ सके सच कहता हूं साथ देकर कभी नहीं पछताओगे जान की परवाह ना करें जो कीर्तिमान गढ़ सके जवाब ईट का जवाब हम पत्थर से देना जानते हैं। मेहमां…

  • पुनर्जन्म | Kavita Punarjanm

    पुनर्जन्म ( Punarjanm ) मैंने सबसे कीमती वस्तु को, तलाशना चाहा,  हीरे-जवाहरात , मणि माणिक , सभी लगे मिट्टी के धूल समान,  मैं अपनी धुन में,  खोजता चला जा रहा था , दिन, महीने में बदलने लगे , महीने वर्ष में , लेकिन नहीं मिल सकी, वह कीमती तोहफा, जो संसार में सबसे कीमती हो।…

  • स्वर कोकिला लता मंगेशकर | Poem on Lata Mangeshkar in Hindi

    स्वर कोकिला लता मंगेशकर ( Swar kokila  Lata Mangeshkar )   स्वर कोकिला गूंजती मधुर गीत तरानों में संगीत साज थिरकते स्वर लहरी गानों में   श्रद्धा से नतमस्तक है सारा हिंदुस्तान तेरा शब्द सुमन समर्पित है भाव भरा वंदन मेरा   गीत सुरीले मधुर कंठ मीठी मीठी आवाज लिए देश-विदेश गूंज रही लहरी सुरीले…

  • चुनाव आइल बा | Chunav Par Bhojpuri Geet

    चुनाव आइल बा ( Chunav aail ba )  आइल चुनाव बा… नेता घुमेलें, भर भर के गड़िया हो.. भर भर के गड़िया! सांझ सबेरे दुपहरिया!! नेता जी, नेता जी आवेले, हमके लुभावेलें। कह कह के बतिया हो, दीहें रोजगार आउर करीहें विकास हो। पूरा हो जाइ अबकी सभन के आस हो, लाचारी भटकी अब कबो#ना…

  • मां चंद्रघंटा | Maa Chandraghanta

    मां चंद्रघंटा ( Maa chandraghanta ) तीसरा स्वरूप अदभुद माता का, कहाती जो दुर्गा मां चंद्रघंटा। मस्तक धारे मां अर्धचंद्र, चमकीला रंग उनका स्वर्ण। दस भुजाएं अस्त्रों से सुशोभित, खड़ग, बाण शस्त्र किए धारण। तीसरा नेत्र सदा खुला रहता, बुराई से लड़ने की दिखाए तत्परता। मां चंद्रघंटा का सिंह है वाहन, शांति मिलती जो करे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *