चंद्रयान | Chandrayaan

चंद्रयान

( Chandrayaan )

 

खुशियां मनाओ सब मिलकर प्यारे,
चांद पर पहुंच गए अब कदम हमारे।
चंद्रयान की सफल लैंडिंग पर,
गूंज रहा हमारा नाम पूरी दुनिया भर।
स्पेस रिसर्च के फील्ड में अब हम भी आगे बढ़ जायेंगे,
नित नई खोजों से हम अब कई राज़ के पर्दे उठाएंगे।
भारत के ज्ञान विज्ञान का सारी दुनिया लोहा मानेगी,
भारतीयों के कौशल को अब अच्छे से पहचानेगी।
मान लेगी सारी दुनिया अब हमको अपना विश्वगुरु,
लगता है अब हो रहे हैं हमारे भी अच्छे दिन शुरू।
वह दिन भी अब दूर नहीं जब दुनिया में भारतवासी छा जाएंगे,
सारे देश मिलकर फिर हमारे भारत के पीछे पीछे आएंगे।
इसरो की इस सफलता पर मन खुशी से भर आया है,
चंद्रमा की धरती पर हमारा प्यारा तिरंगा जो लहराया है।
ये संभव हुआ कलाम जी और कल्पना जी जैसों के बलिदान से,
जिनके त्याग व समर्पण से आज सिर उठा हमारा स्वाभिमान से।
बरसों की मेहनत और परिश्रम से आज सफल हुआ चंद्र मिशन,
आज हर एक भारतीय की जुबान पर है प्राउड टू बी इंडियन।।

 

रचनाकार –मुकेश कुमार सोनकर “सोनकर जी”
रायपुर, ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें :-

हमारी भारत माता | Hamari Bharat Mata

Similar Posts

  • आटा साटा की कुरीतियाॅं | Aata sata pratha par kavita

    आटा साटा की कुरीतियाॅं ( Aata sata ki kuritiyan )   जन्म से पहले ही तय हो जाती है हमारी यें मौत, आटा साटा की कुरीतियों पर लगाओ यह रोक। पढ़ें लिखें होने पर भी क्यों अनपढ़ बन रहें लोग, सब-मिलकर विचार करों इस पर लगाओ रोक।। कई सारे घर और परिवार इससे हो रहें…

  • अभाव | Abhaav

    अभाव ( Abhaav )   अंधेरा न होता तो सवेरा न होता होता न दिन तो रात भी न होती यही तो है सच्चाई भी जीवन की होता सबकुछ तो कुछ भी न होता.. न होती किसी को जरूरत किसी की न किसी को किसी की पहचान होती न होती भूख किसी को न प्यास…

  • पंचम नवरात्र | Pancham Navratra

    पंचम नवरात्र ( Pancham Navratra )    मां दुर्गे पंचम रूप, ममत्व अनूप महासागर पंचम नवरात्र अद्भुत विशेष, मां स्कंद माता परम दर्शन । पूजा अर्चना स्तुति शीर्षस्थ, ममतामयी स्नेहिल स्पर्शन । योग परिक्षेत्र निर्वहन भवानी, पुनीत सानिध्य सम अभिजागर । मां दुर्गे पंचम रूप, ममत्व अनूप महासागर ।। उर स्थिति विशुद्ध चैतन्य, साधना मार्ग…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस भुवाल माता के सिवाय कोई न साथ ।जंग यह जीवन का ले जीतलगा ले सत्य धर्म से प्रीतजीवन सिख ले जीनाआता भव सागर पार किनारा ।जो पल बीत गया यहाँ रेवह न लगे फिर हाथआवागमन लगा एकाकीहोता कोई न साथ ।जो लाया खाया यहाँ रेअब आगे की सोचखाली…

  • श्री रामवतार जी | Shri Ramvatar Ji

    श्री रामवतार जी ( Shri Ramvatar Ji )   श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ************* स्नेहिल व्यक्तित्व प्रेरक कृतित्व , शोभना शिक्षा विभाग राजस्थान । परम शिक्षक पद सेवा स्तुति, सरित प्रवाह स्काउटिंग प्रज्ञान । कर्तव्य निष्ठ अनूप नैतिक छवि, शिक्षण अधिगम नव अध्याय । श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ।।…

  • आभा गुप्ता की कविताएं | Abha Gupta Poetry

    श्री गणेश श्री गणेश, प्रथमेश, गजानन,करूँ तुम्हारे चरण मे वंदन,करते दूर दुखियों के क्रंदन,तन, मन, धन हम करें समर्पन, हे शिव पुत्र, पार्वती दुलारे,धन्य नयन दर्शन से तिहारे,जब तेरा हम नाम पुकारें,कट जाऐ सब विघ्न हमारे,कर जोड़ नमन कर जोड़ नमनचरणों में नमन करती हूँ,श्री गणेश, प्रथमेश, गजानन,करूँ तुम्हारे चरण मे वंदन, मूसक वाहन मे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *