Chhand sukoon ki zindagi

सुकून की जिंदगी | Chhand sukoon ki zindagi

सुकून की जिंदगी

( Sukoon ki zindagi )

मनहरण घनाक्षरी

 

दो घड़ी पल सुहाने,
सुकून से जीना जरा।
गमों का भी दौरा आये,
हंस हंस पीजिए।

 

सुख से जियो जिंदगी,
चैन आए जीवन में।
राहत भरी सांस ले,
खूब मजा लीजिए।

 

भागदौड़ सब छोड़,
होठों से मुस्कुराइये।
सुकून की सांस मिले,
जियो जीने दीजिए।

 

प्रीत भरे मोती बांटो,
आपस में मिल यार।
नेह दुलार सबको,
प्यार थोड़ा कीजिए।

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

बेखबर जिंदगी | Kavita bekhabar zindagi

 

Similar Posts

  • बेटी का घर | Beti ka Ghar

    बेटी का घर ( Beti ka ghar )    बेटी का नहीं होता कोई अपना घर न्यारा, घर चाहे पिता का हो या पति का, होता है पराया। “पराये घर जाना है” से शुरू होकर, “पराए घर से आई है” पे खत्म हो जाता है ये फ़साना। जिसको बचपन से था अपना माना, बड़ा मुश्किल…

  • महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती | Dayanand Saraswati par Kavita

    महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ( Maharishi Swami Dayanand Saraswati )    यें भी उन्नीसवीं शताब्दी के समाजिक सुधारक, महान देश-भक्त व आर्य समाज के संस्थापक। बचपन का नाम माता-पिता ने रखा मूलशंकर, देशप्रेम राष्ट्रीयता भावना भरा था कूट कूटकर।। १२ फरवरी १८२४ को जन्में राजकोट गुजरात, इनके पिता लालजी तिवारी माता यशोदा बाई। वेद-शास्त्र व‌…

  • सनातन धर्म | Sanatan dharm par kavita

    सनातन धर्म  ( Sanatan dharm )   आज गर्व करों, कि हम हिन्दू है, जिसका आदि है, ना कोई अन्त। धर्म रक्षक और, सनातनी जो है, इसमें ज्ञान के है, दो पवित्र ग्रंथ।।   यह सनातन धर्म है, बहुत प्यारा, रामायण गीता पढ़ते, वृज बाला। श्री राम के नाम में, बहुत सहारा, शाश्वत / हमेशा…

  • कुछ | Kuch

    कुछ ( Kuch )    चल आज कुछ सुनाती हूं लफ्जों मे अपने बया करती हूं ज़िंदगी का यह बहुत प्यारा अहसास है दूर होकर भी सब के दिल के पास है मानो खुशियों का मेला है, यह जीवन भी कहां अकेला है सब ने गले से लगाया है मुझे तोहफों से सजाया है मुझे…

  • प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सत्र 2024-25

    “प्रवेशोत्सव कार्यक्रम” सत्र 2024-25   अब कदम बढ़ने लगें,राजकीय विद्यालयों की ओर सहज सरस शिक्षण अधिगम, भौतिक सुविधा युक्त परिवेश । शिक्षा संग सुसंस्कार अनुपमा, नवाचार प्रविधि कक्षा समावेश । मोहक सोहक शैक्षिक गतिविधियां, हर प्रयास सकारात्मकता सराबोर । अब कदम बढ़ने लगें,राजकीय विद्यालयों की ओर ।। सुयोग्य कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकवृंद, विद्यार्थी गण जिज्ञासु संस्कारी ।…

  • Kavita | गजगामिनी

    गजगामिनी ( Gajagamini )   मन पर मेरे मन रख दो तो,मन की बात बताऊं। बिना  तेरा  मै  नाम  लिए ही, सारी बात बताऊं। महफिल में कुछ मेरे तो कुछ,तेरे चाहने वाले है, तेरे बिन ना कटते दिन, हर रात की बात बताऊं।   संगेमरमर  पर  छेनी  की,  ऐसी  धार ना देखी। मूरत जैसे सुन्दर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *