Meri Maati mera Desh

देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए

देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए

बात तो अहल-ए-ख़िरद यह भी सिखानी चाहिए
हर बशर को देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए

ऐ मेरे मालिक ये तेरी मेहरबानी चाहिए
काम आये सब के ऐसी ज़िंन्दगानी चाहिए

दे गया मायूसियाँ फिर से समुंदर का जवाब
जबकि मेरी प्यास को दो बूँद पानी चाहिए

क्यों भला पकड़े हुए हो रहबरों की उँगलियाँ
राह अपनी मंज़िलों की ख़ुद बनानी चाहिए

जिससे मिल जायें तेरे किरदार को रानाइयाँ
ऐसी इक तस्वीर भी घर में लगानी चाहिए

सुनते ही मेरी ग़ज़ल चेहरा सभी का खिल उठा
दाद अब इस अंजुमन से कुछ तो आनी चाहिए

ख़ुद ब ख़ुद आजायेंगी सहन-ए-चमन में तितलियाँ
फ़स्ल कुछ फूलों की भी साग़र उगानी चाहिए

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

ख़िरद – बुद्धि
अहले – वाले
अज़्मत – गौरव ,सम्मान

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • इंसान | Insaan

    इंसान ( Insaan )    हर सू हैं झूठे इंसान अब कम हैं सच्चे इंसान मेरी मुट्ठी में भगवान करता है दावे इंसान अपनी ख़ुदग़र्ज़ी में अब भूल गया रिश्ते इंसान सोच समझ के कर विश्वास अब कम हैं अच्छे इंसान लोगों को जो चुभ जाये शौक़ न वो पाले इंसान जिस रस्ते पर दाग़…

  • सुना दी हमने | Suna di Hamne

    सुना दी हमने ( Suna di Hamne ) शम्अ उल्फ़त की जला दी हमनेपर सज़ा दिल को सुना दी हमने राह हमदम की सजा दी हमनेउनकी दुनिया ही बसा दी हमने रोशनी की थी जिन्होंने शब भरउन चरागों को दुआ दी हमने बन गया ग़ैर ज़माना लेकिनयार की यारी निभा दी हमने दौर-ए-हिज़्रा में भी…

  • याद आया | Yado ki Shayari

    याद आया ( Yaad Aya )    कोई अनजान सफ़र याद आया अजनबी कोई बशर याद आया तेरा चेहरा ही नज़र में उतरा जब कभी दर्दे जिगर याद आया धूप ने जब भी सताया हमको बारहा बूढ़ा शजर याद आया इक मेरा दोस्त पुराना था जो कुछ लगी देर मगर याद आया अपनी ख़ुशक़िस्मती समझेंगे…

  • तुम जो ज़ाहिर अगर ज़रा होते

    तुम जो ज़ाहिर अगर ज़रा होते तुम जो ज़ाहिर अगर ज़रा होतेआने वालों का रास्ता होते ग़र दुबारा ये राब्ता होताकुछ न होते तो हमनवा होते ख़ुद को कितना निहारते हैं वोकाश हम यार आइना होते आप हम हैं तभी न सब कुछ हैहम न होते तो क्या ख़ुदा होते रोते रोते यही कहा उसनेख़ैर…

  • ज़िन्दगी पराई हो गई

    ज़िन्दगी पराई हो गई बेवफ़ा नहीं थी उससे बेवफ़ाई हो गईहोता ही नही यकीन जग हँसाई हो गई दे रही थी ज़ख़्म जो अभी तलक यहाँ मुझेदेखिए वो खुद ही ज़ख़्म की दवाई हो गई होठ मे गुलों की खुशबू और बातों में शहददो घड़ी में उससे मेरी आश्नाई हो गई बढ़ रही थी धड़कने…

  • प्यार की ये अजब रीत है | Pyar Ki ye Ajab Reet Hai

    प्यार की ये अजब रीत है ( Pyar Ki ye Ajab Reet Hai ) प्यार की ये अजब रीत है।हार में भी छुपी जीत है।। किससे शिकवा करें हम कहो,पास में जब नहीं मीत है।। धूप के साथ है छांव भी,ज़िन्दगी ऐसा ही गीत है।। दूर होकर लगे पास वो,हां यही सच कहूं प्रीत है।।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *