दिल  तुझे   देख  बहल जाता  है
दिल  तुझे   देख  बहल जाता  है

दिल तुझे देख बहल जाता है

 

 

दिल  तुझे   देख  बहल जाता  है।

साथ  तेरा  ही  अब तो भाता है।।

 

तेरा   नज़रें   झुका  के  मुस्काना।

मुझको   तेरे   क़रीब  लाता   है।।

 

पास    आना    तेरा   बहाने  से ।

दिल  में अरमां  कई  जगाता है।।

 

डूब    जाऊँ   तेरे   तसव्वुर   में ।

रोज  ये   ही  ख़याल  छाता  है।।

 

“कुमार” देखे  बिना  सुकून  नहीं।

देख   लूं   तो  करार  आता   है।।

 

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कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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