Dil Wali Shayari

दिलवाले दिल के | Dil Wali Shayari

दिल वाले दिल के

( Dilwale dil ke ) 

 

लोग मिले हैं काले दिल के
किसने देखे छाले दिल के ?

देखें तेरे दिल में क्या है ?
खोल कभी तो ताले दिल के

सोचा तुझको हरदम अपना
अरमाँ यूँ भी पाले दिल के

मक्कारों की इस दुनिया में
हम हैं भोले भाले दिल के

बरसों की ये नफ़रत भूलो
साफ़ करो अब जाले दिल के

औरों ने बस ज़ख़्म दिये हैं
सिर्फ़ तुम्ही रखवाले दिल के

बेचैनी,उलझन,चाहत,दुख
समझेंगे दिल वाले दिल के

याद किया बस हर पल तुझको
ख़तरे यूँ भी टाले दिल के

हर सीने में है इक पत्थर
पड़े हुए हैं लाले दिल के

अच्छे अच्छे शे’र हुए हैं
फूट गये हैं छाले दिल के

हर पल मस्ती में जीते हैं
हम तो हैं मतवाले दिल के

तेरी यादें मिटी न फिर भी
टुकड़े भी कर डाले दिल के

बिल्कुल राजाओं जैसे हैं
नख़रे भी इस साले दिल के

ग़ज़लों में ही ‘अहद’ हमेशा
हमने अरमाँ ढाले दिल के !

 

शायर: :– अमित ‘अहद’
गाँव+पोस्ट-मुजफ़्फ़राबाद
जिला-सहारनपुर ( उत्तर प्रदेश )
पिन कोड़-247129

यह भी पढ़ें :-

जो नज़रों से गिर जाते हैं | Ghazal Shayari in Hindi

 

Similar Posts

  • वो लाजवाब है | Ghazal Wo Lajawab Hai

    वो लाजवाब है ( Wo Lajawab Hai ) जहाने – हुस्न में उस जैसा है शबाब नहीं वो लाजवाब है उसका कोई जवाब नहीं पसंद करते हैं घर के तमाम लोग उसे वो सिर्फ़ मेरा अकेले का इंतिखाब नहीं हाँ एक दूजे से मिलते हैं बेतकल्लुफ़ हम हमारे बीच रहा है कभी हिजाब नहीं जिये…

  • रानी भी भेज दो | Rani Bhi Bhej do

    रानी भी भेज दो ( Rani bhi bhej do )    मिसरा दिया है ऊला तो सानी भी भेज दो राजा के वास्ते ख़ुदा रानी भी भेज दो जब जा रहे हो तोड़ के रिश्ता -ऐ-वफ़ा वापिस मुझे हरेक निशानी भी भेज दो कर लूँ तुम्हारे झूठ पे ख़ुश होके मैं यक़ीं इतनी लतीफ़ कोई…

  • मेरा वतन | Mera Watan

    मेरा वतन ( Mera watan )    गुलाबी सा बहुत मेरा वतन आज़म रहे इसकी सदा यूं ही फ़बन आज़म ख़ुदा से रोज़ करता हूँ दुआ मैं ये न हो दिल में किसी के भी दुखन आज़म अदावत के नहीं काँटें उगे दिल में मुहब्बत का रहे हर पल चलन आज़म फ़िदा मैं क्यों न…

  • ख़ल्वत-ओ-जल्वत | Khalvat-o-jalvat

    ख़ल्वत-ओ-जल्वत ( Khalvat-o-jalvat ) ख़ल्वत-ओ-जल्वत में यारों फ़र्क ही कितना रहाउसकी यादों का सदा दिल पर लगा पहरा रहा। मुझमें ही था वो मगर किस्मत का लिक्खा देखिएअंजुमन में गैऱ के पहलू में वो बैठा रहा। कुछ कमी अर्ज़ -ए – हुनर में भी हमारी रह गईवो नहीं समझा था दिल की बात बस सुनता…

  • गुज़र जाते हैं | Guzar Jaate Hain

    गुज़र जाते हैं ( Guzar jaate hain )   पल रहे क़ल्ब में मलाल गुज़र जाते हैं आते जब नव्य,विगत साल गुज़र जातें हैं ॥ रंज शिकवे शिकायतें भी कही दम भर के जश्न के साथ बहरहाल गुज़र जातें हैं ॥ शादमानी थी रही या कि रही ये नुसरत ताज़े वादों के संग हाल गुज़र…

  • इस ह़िमाक़त में क्या है | Ghazal Is Himaqat Mein Kya Hai

    इस ह़िमाक़त में क्या है ( Is Himaqat Mein Kya Hai ) बताओ तुम्हीं इस ह़िमाक़त में क्या है। किसी की क़बाह़त,इहानत में क्या है। क़रीब उनके बैठो तो आए समझ में। बुज़ुर्गाने दीं की हिदायत में क्या है। झुकाकर तो देखो कभी अपने सर को। समझ जाओगे ख़ुद इ़बादत में क्या है। वो ज़ालिम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *