तेरी दीद के बाद

तेरी दीद के बाद | Teri Deed ke Baad

तेरी दीद के बाद

( Teri deed ke baad )

जहां में कुछ नहीं नायाब तेरी दीद के बाद
कहाँ से आये कोई ख़्वाब तेरी दीद के बाद

है बेख़बर दिल-ए-बेताब तेरी दीद के बाद
जमाल-ए-मस्ती-ए-गरक़ाब तेरी दीद के बाद

बनाने वाले ने तुझको बना के जब देखा
बनाये फिर कई गिर्दाब तेरी दीद के बाद

हर ऐक शाम वो छत पर से ताकता था क़मर
पर अब फ़िज़ूल है महताब तेरी दीद के बाद

बस ऐक गोशा-ए-कमरे में जा रखा खुद को
न अब अदू हैं न अहबाब तेरी दीद के बाद

ये क़ाएनात जो बरसों से एक सेहरा थी
हुई है सब्ज़ा-ओ-शादाब तेरी दीद के बाद

कि मुस्कुराते हुए कर रहे हैं सारे क़ुबूल
असीर होने के असबाब तेरी दीद के बाद

तने हुए थे अभी ऐन तेरे आने तक
जो कह रहे हैं अब आदाब तेरी दीद के बाद

कोई तो तर्क हो कैसे है क्यूँ हुआ है ‘असद’
शुरूअ’ ज़र्बत-ए-मिज़राब तेरी दीद के बाद

असद अकबराबादी 

यह भी पढ़ें :-

मुझपे ऐतबार कर | Ghazal Mujhpe Aitbaar Kar

Similar Posts

  • कहां ढूंढू | Kahan Dhundu

    कहां ढूंढू ( Kahan dhundu )   गौतम, नानक-राम कहां ढूंढू मजहब के चार धाम कहां ढूंढू अमन के जैसे गुजरे है दिन वैसी सुबहो – शाम कहां ढूंढू मुंह में राम है बगल में खंजर ‘ सत्यवादी ‘ इक निज़ाम कहां ढूंढू मजहब-मजहब लड़ने वाले हैं सब ‘इंसानियत ‘ का पैगाम कहां ढूंढू झूठ-फरेब…

  • मेरे भीतर | Rajni ki Ghazal

    मेरे भीतर ( Mere Bheetar ) चढ़ा अपने सनम के इश्क़ का पारा मेरे भीतरग़ज़ल कहने का मौज़ूं है बड़ा प्यारा मेरे भीतर रवानी बन गई है प्रेम की धारा मेरे भीतरहै ए’लान-ए-बहाराँ-सा ये इकतारा मेरे भीतर कहूँ कैसे मैं तुमसे दिल है बेचारा मेरे भीतरन जाने कबसे है पागल ये बंजारा मेरे भीतर तुम्हारे…

  • अगर साकी | Agar Saqi

    अगर साकी ( Agar Saqi )    बता देते तो अच्छा था कहाँ तेरी नज़र साकी तो फिर हम झट से कर देते पियाला भी उधर साकी ॥ दिया ना जाम वो जिसकी तमन्ना थी मिरे दिल में गिला क्या अब तिरे मय का नहीं होगा असर साकी ॥ छलक जाता जो पैमाना , क़यामत…

  • अहसान रहेगा | Ahsan Rahega

    अहसान रहेगा ( Ahsan Rahega ) मतला– उस पर भी अभिमान रहेगा याद जिसे अहसान रहेगा हुस्ने-मतला– जिस दिल में भगवान रहेगा उस पर जग क़ुर्बान रहेगा जिस दिल में हो तू ही तू बस उसको क्या कुछ भान रहेगा मेरे आँसू पोंछ भी दे अब मेरा भी कुछ मान रहेगा जिस पर वंशीधर मोहित…

  • बेवफ़ा ही सब मिले है | Bewafa hi Sab Mile Hai

    बेवफ़ा ही सब मिले है ( Bewafa hi sab mile hai )    है गिला उस दोस्ती से ? दिल भरा नाराज़गी से वो नज़र आया नहीं है आज गुज़रा उस गली से छोड़ दें नाराज़गी सब तू गले लग जा ख़ुशी से ये वफ़ा देती नहीं है मोड़ लें मुंह आशिक़ी से गुल उसे…

  • कमाल करते हो | Kamaal Karte ho

    कमाल करते हो ( Kamaal karte ho )    लगाकर चाँद पर दाग कमाल करते हो, बातें बड़ी आजकल बेमिसाल करते हो। बेचैन हो जाता दिल मेरा बातें सुन तुम्हारी, खुद से क्यों नहीं तुम ये सवाल करते हो? यूँ उलझा नहीं करते हर बार ही किसी से, बेवज़ह तुम हर बात पर बवाल करते…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *