Do Din ki Zindagani

दो दिन की जिंदगानी | Do Din ki Zindagani

दो दिन की जिंदगानी

( Do din ki zindagani ) 

 

दो दिन की जिंदगानी प्यारे झूठा यह संसार है।
तन बदन है माटी का प्यारे सांसे सभी उधार है।

चंद सांसों का खेल सारा पंछी को उड़ जाना है।
ये दुनिया है आनी जानी आगे और ठिकाना है।

माटी के पुतले को फिर माटी में मिल जाना है।
रंगमंच है सारी दुनिया बस किरदार निभाता है।

ढाई आखर बोल प्रेम के प्रीत की डोर है पावन।
प्यार का सागर उमड़ता प्रेम का बरसता सावन

दुनिया याद उसे करती जो जनसेवा को जीता है।
औरों की खुशियों में खुश हरदम गम को पीता है।

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

हरियाणा दिवस | Haryana Divas

Similar Posts

  • शायद | Shayad

    शायद ( Shayad )   शायद दिल को खबर मिली है मेरे लिए जिम्मेदरियों की कली खिली है दिल को कुछ हो रहा अहसास है अब इस आंगन से विदाई पास है मां की डांट भी अब मिलेगी कैसे मेरे इंतजार मे राह भी तकेगी कैसे भाई के शरारतों से बेखबर होंगे जाने वहाँ दिन…

  • भूख और पेट | Poem on bhookh aur pet

    भूख और पेट ( Bhookh aur pet )   सड़क पुल नदियों को निगले डकार नहीं लेते आंधी है या कोई तूफान बहार आने नहीं देते   कुछ को धन की भूख है कुछ का पेट बहुत बड़ा जाने कितने ही घोटालों का हंगामा हो गया खड़ा   भुखमरी बेरोजगारी अब गरीबी दूर होनी चाहिए…

  • तुम आ जाते सावन में घर | Sawan mein

    तुम आ जाते सावन में घर ( Tum aa jate sawan mein ghar )   सच कहती हूॅं तेरे बिन मुझे कुछ अच्छा न लगता, तुम आ जाते सावन में घर तो सावन यह लगता। मन में आशाएं बड़ी-बड़ी थी कमी तुम्हारा लगता, इस जीवन में सफ़र तेरे बिन अब अधूरा लगता।। आपसे अच्छा हम-दर्द…

  • ️️आओ गणेश जी️ | Aao Ganesh Ji

    ️ आओ गणेश जी  ( Aao Ganesh Ji )   –>आओ मेरे गणराजा………..|| 1.आओ मेरे महराज गजानन, स्वागत है अभिनन्दन है | ऋद्धि-सिद्धि को साथ मे लाना, उनका भी सत-बन्दन है | सालों से तुम अपने भक्तों के, दूर दुखों को करते हो | निर्बल और पीडित भक्तों की, पीडा को तुम हरते हो |…

  • कृष्ण भक्तिगान | Krishna Bhakti Gaan

    कृष्ण भक्तिगान ( Krishna bhakti gaan )   कृष्ण तुलसी माला लेके कान्हा मैं तेरा इंतज़ार करती प्रभातवेला की घंटी बजने पे कान्हा मेरा मन उछलता रहा   वृन्दावन की एक एक धूली तेरी गाथाएं सुनाती रही यमुना नदी की छोटी लहरें भी तेरी लीलाएं बखान करती रही   तेरी निकटता पाने को तरसती निकुंजों…

  • हिंदी को अपनाओ | Hindi ko Apnao

    हिंदी को अपनाओ ( Hindi ko Apnao ) बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ,हिंदी हिंदुस्तान की भाषा,हिंदुस्तानी तुम कहलाओ, लिख लो हिंदी, पढ़ लो हिंदी,हिंदी बड़ी अलबेली है,बोलो हिंदी, गा लो हिंदी,हिंदी रंग-रंगीली है,हिंदी को व्यवहार मे लाओ,हिंदी का परचम फहराओ,बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ, खेलो-कूदो हिंदी के संग,हिंदी सखा-सहेली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *