दुआएं जब दवा बन जाती है | Duayen Jab Dava ban Jati hai

दुआएं जब दवा बन जाती है

( Duayen jab dava ban jati hai ) 

 

दुआएं जब दवा बन जाती है,
खूब असर दिखाती है।
बदल जाती किस्मत सारी,
जीवन में खुशियां आती है‌।

बैरी सब अपने हो जाते,
सद्भावो के फूल खिलाते।
भर लेना दुआ से झोली,
भाग्य सितारे भी मुस्काते।

मरहम कोई काम न आए,
मन की पीर मिटा नहीं पाए।
दुआएं हर लेती है संकट,
दुख के बादल सब छंट जाए।

छाए हो घनघोर अंधेरे,
आ मुश्किलें जब डाले डेरे।
बस दुआएं काम आती,
मिट जाते सब कष्ट घनेरे।

सेवा करके मां बाप की,
बुजुर्गों का मिले आशीष।
महक उठे घर फुलवारी,
सब कृपा करें जगदीश।

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

बड़ों की दुआओं में प्यार | Badon ki Dua

Similar Posts

  • दीवानगी | Deewangee

    दीवानगी ( Deewangee )   शराब तो नहीं पीता मैं पर रहता हूं उसके नशे में चूर हरदम वह ऐसी चीज ही लाजवाब है कि नशा उतरता ही नहीं बड़ी हसीन तो नहीं पर दीवानगी का आलम यह कि सर से पांव तक भरी मादकता से उतरती ही नहीं सोच से पूरी कायनात भी फीकी…

  • हिंदी बोल इंडिया | Hindi poem on Hindi bhasha

    हिंदी बोल इंडिया ( Hindi Bol India )      हिन्दी बोल इंडिया कहकर क़लम आज चलानी है, सरल शब्दों में कहा जाएं तो यह बहुत वंदनीय है। वैश्विक स्तर पे जानतें है अब राष्ट्रभाषा बनवानी है, कई ऑफिस दफ्तरों में जिसकी दशा दयनीय है।।   हिन्द को गौरवान्वित करतीं यें भाषा ऐसी प्यारी है,…

  • बातें

    बातें * करो सदा पक्की सच्ची और अच्छी! वरना… ये दुनिया नहीं है बच्ची, सब है समझती। समझाओ ना जबरदस्ती! बातें… ओछी खोखली और झूठी नहीं हैं टिकतीं। जगह जगह करा देतीं हैं बेइज्जती! सच्चाई छुप नहीं सकती, बेवक्त है आ धमकती! होश फाख्ता कर देती है, सिर झुका देती है। तेज़ ही उसकी इतनी…

  • सर्दी | Sardi

    सर्दी सर्दी में होती जब कड़क ठंडी हवा ।चाय की प्याली होती सबकी प्यारी दवा।।मास दिसंबर में जब होती प्यारी सर्दी।भाई पहन लेते सब अपनी गर्म वर्दी।। सर्दी में जब-जब ठंडी हवा चलती।कपड़े भी देखो कहा हवा सुखाती।।ठंडी हवा में चाय की प्याली होती प्यारी।ठंडी हवा में चाय का मजा लें दुनिया सारी।। किट-किट बजते…

  • नवरात्रि पर्व (अश्विन )

    नवरात्रि पर्व (अश्विन ) भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।यह निश्छल ,अविरल , अपलक है ।यह सत्यं-शिवं -सुन्दरं क्षेमंकर हैं ।यह आत्म पथ फलदायी सुखकर है ।भुवाल माता का स्मरण सदा सुखदायी है ।भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।जब तक रहता है नील गगन में तारातब तक छविमान दिखता लगता प्याराजब अपने उच्च…

  • गीतों को सौगात समझना | Poem geeton ko saugaat samajhna

    गीतों को सौगात समझना ( Geeton ko saugaat samajhna )   काव्य भावों को समझ सको तो हर बात समझना मैंने लिखे हैं गीत नए गीतों को सौगात समझना   दिल का दर्द बयां करते उर बहती भावधारा मधुर तराने प्यारे-प्यारे हर्षित हो सदन सारा   शब्द शब्द मोती से झरते बनकर चेहरे की मुस्कान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *