बेरहमी से इक वो हमला हुआ

इक वो हमला हुआ | Ghazal ek wo hamla hua

इक वो हमला हुआ

( Ek wo hamla hua )

 

 

बेरहमी से ही  इक वो हमला हुआ,

देखिए सारा नगर शोला हुआ।

 

लोग बेघर हो गए देखो वहां

कौन किसका ही सहारा हुआ।

 

खून में सड़कें  बड़ी  लथपथ हुईं,

की दंगा कश्मीर में भड़का हुआ,

 

क़त्ल कर डाला कई मासूमों की

की जिधर देखो लहू बिखरा हुआ।

 

बन गए दो दोस्त दुश्मन आपस में ही

आज फिर उस गांव में पंगा हुआ।

 

तोड़ डाले बाढ़ ने घर इसलिए,

की किनारा दरिया का टूटा हुआ।

 

फिर रहें कैसे खुशियां घर में ही आज़म

देखिए आपस में ही झगड़ा हुआ।

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

 

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