Ghaza par Kavita

स्वर्ग में एक गांव | Ghaza par Kavita

स्वर्ग में एक गांव

( Swarg me ek gaon ) 

 

मुझे विश्वास है
स्वर्ग में भी
एक गांव का नाम
“गाज़ा” होगा
योजनाएं बनेंगी
उच्चतम
सबसे अलग
भगवान ही
फ़िलिस्तीनी बच्चे कहाँ हैं?
क्या फैसला किया है।
इसका निर्माण कराया जायेगा
हाँ
स्वर्ग में भी,
एक बस्ती का नाम “गाजा” होगा।
अपने ही खून से ये बेगुनाह
गवाही देना
हम मर रहे थे, कोई नहीं बोल रहा था
संयुक्त राष्ट्र से
दुनिया के लिए मुसलमान.
सब चुप थे, क्रूर थे
यह अजेय था
मुझे विश्वास है
जब हस्र बरस रहा होगा
न्यायधीश के सामने
एक तरफ ये सभीबच्चे
दूसरी तरफ पूरी दुनिया खड़ी होगी
यही गवाही मान्य होगी
और फिर होगा फैसला!
हाँ…
स्वर्ग में एक शहर को “गाजा” कहा जाएगा।

Manjit Singh

मनजीत सिंह
सहायक प्राध्यापक उर्दू
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( कुरुक्षेत्र )

यह भी पढ़ें :-

सबका छत्तीसगढ़ | Sabka Chhattisgarh

Similar Posts

  • तुम आओ तो, ईद हो जाये

    तुम आओ तो, ईद हो जाये न जाने कितनी बारपढ़ा है मैंने तुम्हारा चेहराखामोश-सी तुम्हारी आँखेइस बार तुम्हारी सदा कोएक अनुकृति से सजाया है मैंनेऔर—-देह को एक लिबास पहनाया हैकहो न, इस देह सेअब तो तोड़कर आ जायेसारी बंदिशे—-सारी जंजीरें—-सारे बंधन—-मेरे इस शहर,मेरी इस गली मेंऔर लाँघ जाओमेरे घर की चौखट को।साथ में लेकर आ…

  • वो बाबा भीम हमारा | Baba Bhim Hamara

    वो बाबा भीम हमारा ( Wo baba bhim hamara )   आज गाॅंव‌-शहर की हर गली में गूॅंज रहा यह नारा, सबको अपना हक दिलाया लिखें संविधान प्यारा। अच्छाई-सच्चाई के लिए लड़ता रहा उम्र भर सारा, जनहित में सारे काम किया वो बाबा भीम हमारा।। देखा था बचपन में उन्होंने ये निम्न-जाति व्यवस्था, बाहर बैठकर…

  • भारत की वर्तमान दुर्दशा

    भारत की वर्तमान दुर्दशा बेरोज़गारी के अंधकार में,भटक रहे हैं युवा इस द्वार में।सपने सब कागज़ हो गए,संघर्ष के पल और गहरे हो गए। महंगाई की आग बढ़ी,हर घर की थाली सूनी पड़ी।रोटी के लिए मेहनत हार गई,सुकून की नींद अब दूर हो गई। नेताओं का गिरता स्तर,वादे बनते जुमलों का सफर।चुनावी भाषण झूठे निकले,जनता…

  • शांति, संतोष और आनंद

    शांति, संतोष और आनंद   **** संतोष भी मेरे पास ही रहता था। जब मैं ! खेतों में जाता या फिर भैंसों को चराता। दोपहर को छाछ के साथ गंठा रोटी खाता था। ***** आनंद तो मुझसे दूर ही नहीं था कभी। कभी नदिया पे नहाने में ! कभी कभार के शादी ब्याह के खाने…

  • श्री राम कथा | Shri Ram Katha

    श्री राम कथा ( Shri Ram Katha )   श्री राम कथा वंदन शुभकारी त्रेता युग हिंद अखंड धरा,अयोध्या नगरी अनूप । दिव्य भव्य रघुवंश कुल,दशरथ लोकप्रिय भूप । कैकयी सुमित्रा कौशल्या,तीन राज राज्ञी गुणकारी । श्री राम कथा वंदन शुभकारी ।। राम भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण,चार आज्ञाकारी पुत्र । श्रवण प्राण हरण कारक,राजा दुःख कष्ट…

  • भवंर | Bhanwar

    भवंर ( Bhanwar )    चित्त का भवंरजाल भावनाओं की उथलपुथल एक बवंडर सा अन्तस में और हैमलेट की झूलती पक्तियां टू बी और नाॅट टू बी जद्दोजहद एक गहन.. भौतिक वस्तुएं आस पास रहते लोग सामाजिक दर्जे और हैसियत क्षणिक और सतही खुशी के ये माध्यम नही करवा पाते चित्त को आनन्द की अनुभूति……

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *