Ghazal Ban Jaaiye

सदी बन जाइए | Ghazal Sadi Ban Jaaiye

सदी बन जाइए

( Sadi Ban Jaaiye )

 

आप इक इतिहास इक युग इक सदी बन जाइए
बात यह सबसे बड़ी है आदमी बन जाइए

बह रहे जो आँख से उन आंसुओं को पोछ कर
बा- ख़ुशी दे दूसरों की जिंदगी बन जाइए

सोचिए मत आप कुछ ज्यादा यहाँ पर कौन क्या
आ किसी के काम उसकी बंदगी बन जाइए

हैं अँधेरे में भटकते अब बशर ये रोज ही
रास्ता उनको दिखाकर रोशनी बन जाइए

कुछ खिला दो भूख से रोते हुए बच्चे को सच
होंठ पर बस आप बच्चे की हँसी बन जाइए

Dr. Sunita Singh Sudha

डा. सुनीता सिंह ‘सुधा’
( वाराणसी )
यह भी पढ़ें:-

सबको ही बहलाती कुर्सी | Poem in Hindi on Kursi

Similar Posts

  • यह ज़िन्दगी | Ghazal Zindagi

    “यह ज़िन्दगी” ( Yah zindagi )   भटक कर ना जाने कहीं दमी रह गई चलकर भी यह ज़िन्दगी थमी रह गई। कहा तो बहुत मगर सुना नहीं गया जाने शब्दों में मेरे कहाँ कमी रह गई। उसकी ख्वाहिशों की बात करते सब मेरे जज्बातों में तो बस नमी रह गई। जहाँ चलते रहे बेबाक…

  • परदेस में रहा | Pardes mein Raha

    परदेस में रहा ( Pardes mein raha )  दीवारो-दर से जिसकी सदा गूँजती रही मेरी निगाह घर में उसे ढूँढती रही अहसास था ख़याल तसव्वुर यक़ीन था किस किस लिबास में वो मुझे पूजती रही मैं काम की तलाश में परदेस में रहा वो ग़मज़दा ग़मों से यहीं जूझती रही मैं लिख सका न उसको…

  • मुहब्बत का गुल | Muhabbat ki Poetry

    मुहब्बत का गुल ( Muhabbat ka gul )    करे तेरा रोज़ ही इंतिज़ार है गीता हुआ दिल तो खूब ही बेक़रार है गीता ख़फ़ा होना छोड़ दे तू मगर ज़रा दिलबर मुहब्बत की ही कर देगी बहार है गीता बना ले तू उम्रभर के लिये अपना मुझको मुहब्बत में तेरी डूबी बेशुमार है गीता…

  • ये नफ़रत की दुनिया

    ये नफ़रत की दुनिया संभालो तुम अपनी ये नफ़रत की दुनिया।बसानी है हम को मुह़ब्बत की दुनिया। लड़ाती है भाई से भाई को अकसर।अ़जब है तुम्हारी सियासत की दुनिया। नहीं चाहिए अब , नहीं चाहिए अब।ये दहशत की दुनिया ये वहशत की दुनिया। फंसी जब से नर्ग़े में यह बातिलों के।तमाशा बनी है सदाक़त की…

  • ऊँची उड़ानों के थे | Unchi Udaano ke the

    ऊँची उड़ानों के थे ( Unchi udaano ke the )    यह भी अहसान कुछ क़द्रदानों के थे जो निशाने पे हम भी कमानों के थे जो भी सीनों पे सब आसमानों के थे वो सभी तीर अपनी कमानों के थे ठोकरों ने भी बख़्शा हमें रास्ता हौसले जब दिलों में चटानों के थे हैं…

  • मीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं

    मीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं प्यार की हमको दिखती कहानी नहींमीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं दर्द मुझको भी होता है समझो जरामुझमें भी है लहूँ कोई पानी नहीं वो भी देता है ताना मुझे ख़्वाब मेंप्यार की पास में जो निशानी नहीं धौंस सब पर दिखातें हैं वो ही यहांजिनकी बस में ही…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *