Hindi Meri Shaan

ग़ज़ल – हिंदी

ग़ज़ल – हिंदी

हिंदी गाँधी के सपनों का अभियान है
इसके विस्तार में सबका सम्मान है

सूर तुलसी ने सींचा इसे प्यार से
जायसी और रसखान की जान है

राम सीता हैं इसमें हैं राधा किशन
मीरा के प्रेम का भी मधुर गान है

चाहे कविता लिखो या कहानी लिखो
इसकी शैली में सब कुछ ही आसान है

हिंदी भाषी हैं अब तो हरिक प्राँत में
इसकी परदेस में भी बढ़ी शान है

सत्ताधीशों इसे राष्ट्र भाषा लिखो
हिंदी भारत के पुत्रों का अभिमान है

कोष हिंदी का बढ़ने लगा दिन ब दिन
समझो साग़र ये हम सब को वरदान है

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • उंगलियां उठा देंगे | ग़ज़ल दो क़ाफ़ियों में

    उंगलियां उठा देंगे ( Ungliyan Utha Denge ) ज़मीने-दिल पे तो हम कहकशां भी ला देंगे तमाम लोग यहाँ उंगलियां उठा देंगै कहीं नमक तो कहीं मिर्चियां मिला देंगे दिलों में लोग यूँ हीं दूरियां बढ़ा देंगे ज़माना हमको भी मुजरिम क़रार दे देगा किसी से ऐसी कोई दास्तां लिखा देंगे किसी को सच की…

  • कलाम है क्या

    कलाम है क्या ये गोल मोल मुहब्बत भरा कलाम है क्यातमाम उम्र यहीं पर तेरा क़याम है क्या कबूल कैसे मैं कर लूँ बता तेरी शर्तेंबिना ये जाने तुझे लेना मुझसे काम है क्या जो बार बार मुझे हुक्म देता रहता हैसमझ लिया मुझे तूने बता गुलाम है क्या जो हर घड़ी चला आता है…

  • पूर्ण बेटी से वो हसरत हो गई

    पूर्ण बेटी से वो हसरत हो गई   ज़र जमीं की जब वसीयत हो गई । टेढ़ी उन बेटो की नीयत हो गई ।। ठीक वालिद की तबीयत हो गई । जान को उनकी मुसीबत हो गई ।। जिस तरह औलाद खिदमत कर रही । हर किसी को देख हैरत हो गई ।। चाहते तो…

  • यूं ही रखना सदा ख़याल अपना।

    यूं ही रखना सदा ख़याल अपना। दूर जाकर भी ख़ुश जमाल अपना।यूं ही रखना सदा ख़याल अपना। जो भी है आपका ही है वल्लाह।हम को कुछ भी नहीं मलाल अपना। कुछ तो बतलाओ ऐ तबीब-ए-दिल।ह़ाल कैसे हो अब बह़ाल अपना। कौन देखेगा माहो-अन्जुम को।छत पे आ जाए गर हिलाल अपना। ह़ालत-ए-ह़ाल भूल जाओगे।हम दिखा दें…

  • बेकरार | Bekarar Shayari

    बेकरार ( Bekarar )   ये दुनिया इतनी आसानी से न तुझे समझ आएगी, प्यार भी करेगी तुझसे और तुझ को ही रुलाएगी! बेकरार दिल की धड़कनों में शामिल करके तुझे दिल के तेरे जज्बातों को ही नामुनासिब ठहराएगी! ख्यालों को तेरे बेसबब यह दुनिया साबित कर एक दिन प्रश्नों से कटघरे में तुझको फसाएगी!…

  • हर लम्हा है हसीन | Ghazal Har Lamha

    मेरी ग़ज़ल ( Meri Ghazal ) मिलती सभी से मेरी ग़ज़ल दिलकशी के साथ शीरीं ज़ुबां है उसकी बड़ी चासनी के साथ हम जीते ज़िंदगी को हैं दरियादिली के साथ हर लम्हा है हसीन फ़क़त मैकशी के साथ बातें करेंगे वस्ल की और इंतिज़ार की इक़रार-ए-इश्क़ की सदा संजीदगी के साथ बीती सुख़नवरी में ही…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *