gond ke laddu

गोंद के लड्डू

गोंद के लड्डू

गोंद के लड्डू, मीठे से स्वाद,
सर्दी की सर्द रातों में, गर्मी का फरमाया आबाद।
ताजगी से भरी, एक खजाना छुपा,
इनमें तो बसी है, सेहत की हर एक ख़ुशबू।

गोंद के लड्डू, नारी की सेहत के लिए वरदान,
बचपन से बुढ़ापे तक, सबके लिए बनाए गए इनका अनोखा सामान।
खुशबू बिखेरे इनसे, स्वाद में कुछ खास बात,
सर्दी के दिनों में, रखे सेहत को निहारती है रात।

गोंद के लड्डू में छुपा है, शक्ति और ताजगी का राज,
मुट्ठी में बंधे, ये जीवन में लाए सुकून और खाज।
आओ सभी खाओ, इनका स्वाद लो,
डॉ. बीएल सैनी से, हर दिन जीने का आनंद को जानो।

डॉ बी एल सैनी
श्रीमाधोपुर सीकर राजस्थान

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • ढाई अक्षर | Dhai akshar

    ढाई अक्षर ( Dhai akshar )   रातभर फिर सोचकर घबराये हम। ढाई अक्षर भी नहीं पढ़ पाये हम।।   मेरी आंखों में तुम्हारे आंसू थे, चाह करके भी नहीं रो पाये हम।।   एक पग भी तुम न आगे आ सके, सारे बंधन तोड़कर के आये हम।।   तमस तेरे मन से कब जायेगा…

  • डॉ. चंद्रेश कुमार छ्तलानी की कविताएं | Dr. Chandresh Kumar Chhatlani Poetry

    जेब में रिश्तों कोवो सिक्कों-सा जेब में रखता था,सोचता – यही सही जगह है,ज़रूरत पड़ी तो निकाल लो, वरना पड़े रहें यहीं। और आया एक वक़्त,किस्मत ने जेब उधेड़ दी।जो कुछ भी था,सारा निकल कर गिर गया –सड़क पर।रुपए तो राहगीरों ने समेट लिए,मगर रिश्ते…दूसरों की ठोकरों के धूल-धक्कड़ में,बिखरते रहे,किसी ने न उठाए। उसने…

  • श्री रामवतार जी | Shri Ramvatar Ji

    श्री रामवतार जी ( Shri Ramvatar Ji )   श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ************* स्नेहिल व्यक्तित्व प्रेरक कृतित्व , शोभना शिक्षा विभाग राजस्थान । परम शिक्षक पद सेवा स्तुति, सरित प्रवाह स्काउटिंग प्रज्ञान । कर्तव्य निष्ठ अनूप नैतिक छवि, शिक्षण अधिगम नव अध्याय । श्री रामवतार जी,प्रेरणा पुंज आदर्श शिक्षक पर्याय ।।…

  • चुलबुली की यादें | Poem Chulbuli

    चुलबुली की यादें ( Chulbuli ki yaadein )   ये गर्म सर्द हवाओ की साजिश है कि बिखर जाउँ मैं तेरे  शहर  आऊं  और  तेरी बाहों में सिमट जाउँ मैं ये चाय का शौक कब का भुला दिया मैं चुल्बुली हो जाये तू मेरी बाहों में तेरे होंठो से लग जाऊं मैं तुम  कामों  में …

  • लाल रंग | Laal Rang par Kavita

    लाल रंग ( Laal rang )   लाल रंग रक्त वर्ण होता वीरों की वीरता दर्शाता है धन वैभव सम्मान दिलाता लक्ष्मीजी को भाता है स्वाभिमान भाव दमके शौर्य पराक्रम रणवीरो का लाल रंग साहस सूचक लाल ध्वजा धरें वीरों का सौभाग्य सिंदूर से बढ़ता लाली बन मुस्काता है रामभक्त हनुमान भाए तन पर सिंदूर…

  • जीवन के रंग

    आवा-गमन जो आया जग में अंत जाना है,जो जाया जग में अंत जाना है। प्रकृति की रचना प्रबल आवा-गमन अडिग,चौरासी लाख योनियों का उत्पन्न पतन अडिग। चार खानें चित्त अजर अमर कोई नहीं,सबके अंदर सांसें अता पता कोई नहीं। काम क्रोध लोभ मोह अहंकार पांच प्रमुख,भिन्न-भिन्न रंग रूप तीन ताप संताप सुख। दस इन्द्रियां सबका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *