Gopaldas Neeraj par kavita

गोपालदास नीरज | Gopaldas Neeraj par kavita

कवि/गीतकार गोपालदास नीरज

( Kavi/Geetkar Gopaldas Neeraj ) 

काव्य लेखक हिन्दी शिक्षक कवि साहित्यकार,
फिल्मी इंडस्ट्री में भी बनाये पहचान गीतकार।
पद्म-श्री और पद्म-भूषण से अलंकृत हुए आप,
दो-दो बार सम्मानित हुए आप भारत सरकार।।

काव्य एवं गीत लेखन में बनाई पहचान विशेष,
जो चार जनवरी १९२५ को जन्में उत्तर-प्रदेश।
फिल्म इंडस्ट्री से फिल्म-फेयर जो अवार्ड लिए,
गोपालदास नीरज नाम से जानता देश विदेश।।

अपनी ज़िंदगी में देखें आपने ढ़ेर उतार-चढ़ाव,
बचपन बीता जिनका बहुत संघर्ष एवं अभाव।
अनुभव ज़िंदगी का आपने इन गीतों में उतारा,
जिनको पढ़कर लोगों का बढ़ा आपसे लगाव।।

छ वर्ष की उम्र में इनकी हो गया मां का निधन,
तब आर्थिक समस्या झेला बहुत इनका सदन।
फिर भी संभलकर स्वयं टोप हाई स्कूल किया,
जिनको याद करता है ये भारतवासी जन जन।।

प्रेम पुजारी फिल्म में पहला आया उनका गीत,
अपनी लिखी पंक्तियो से बन गये सब के मीत।
कई फिल्में जिनकी हुई है हिट एवं ये सुपरहिट,
उसके बाद तो गीतों ने सबका मन लिया जीत।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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