गुरु तेग बहादुर साहिब जी | GuruTeg Bahadur Sahib Ji

गुरु तेग बहादुर साहिब जी

( Guru teg bahadur sahib ji ) 

 

धर्म सुरक्षा के ख़ातिर,
जीवन कर दिया न्यौछावर।
हिन्द की चादर कहलाएँ,
आज गुरु जी तेग बहादुर।।

गुरु हरगोबिंद साहिब जी पिता,
और नानकी जी थी माता।
नाम बचपन त्यागमल था उनका,
अमृतसर में जन्म हुआ गुरुवर का।।

स्वभाव इनका संत समान,
लेकिन तलवार बाजी में थे महान।
अडोल चित और निर्भय था भाव,
कई कई घंटो करते भक्ति भाव।।

प्रेम भाईचारा और एकता,
शांति क्षमा और सहनशीलता।
इनका दिया था इन्होंने बहुत सन्देश,
प्रथम दर्शन धर्म एवं सत्य ही विजय।।

जौहर दिखाएँ ख़ूब तलवार से,
अपने पिता के साथ मिलकर के।
गुरु नानक वचनों का अनुसरण किऐ,
और सिखों के यह नवें गुरू हुऐ।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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