हाथ मेरा कभी छोड़ना तू नहीं !
हाथ मेरा कभी छोड़ना तू नहीं !

हाथ मेरा कभी छोड़ना तू नहीं !

 

 

हाथ मेरा कभी छोड़ना तू नहीं !

प्यार में दिल कभी तोड़ना तू नहीं

 

तू हमेशा मिलाना आँखें प्यार से

मुंह कभी भी मुझसे मोड़ना तू नहीं

 

छोड़ देना तू राहें गमों की सदा

ग़म की बरसात से भीगना तू नहीं

 

तू हमेशा करना वफ़ा की बातें

बेवफ़ा की बातें बोलना तू नहीं

 

तू सदा साथ देना वफ़ा से मेरा

दोस्ती का रिश्ता तोड़ना तू नहीं

 

फ़ासिले तो आते रहते है आज़म

 सिलसिले प्यार के रोकना तू नहीं

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

( सहारनपुर )

 

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