Ram Hey Ram

हममें राम, तुममे राम

जय श्री राम

हममें राम, तुममे राम
सबमे राम, सबके राम
जहाँ भि देखो राम हि राम
बोलो जय श्री राम

राम हि धरती राम हि अम्बर
राम हि बूंद, राम समंदर
देखा जैसा, पाया वैसा
कोई अलग नहीं उनका धाम
बोलो जय श्री राम

त्यागी राम, वैरागी राम
सकल शृष्टि के अनुरागी राम
सत्य पथ के अनुगामी राम
शांत चित्त तो कहीँ सुनामी राम
बोलो जय ऋी राम

मुक्ति मार्ग के धाम हैं राम
माया से परे निष्काम हैं राम
सबके प्रति पालक हैं राम
सबके परम धाम हैं राम
बोलो जय श्री राम
बोलो जय ऋी राम

मोहन तिवारी

 ( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/mohan-tiwari-poetry/

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *