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मुरलीवाला | Kavita Muraliwala

मुरलीवाला

( Muraliwala )

दुनिया से निराला है
तू बंसी वाला।
जन्म दिया देवकी ने
यशोदा ने पाला।

गोपियों का प्रेमी,
जग का रखवाला।
नाचती हैं ठुमुक ठुमुक
वो बृजबाला।

छोटे छोटे पांव हैं,
रंग का है काला।
मगर चितचोर तू
वो मुरलीवाला।

शांत हो जाती है
अंतर से ज्वाला।
जपे जो भी कोई,
तेरे नामों की माला।

करता तू रास लीला,
वो देवकी का लाला।
थोड़े से माखन पर
नचवाती बृज बाला।

Ramakesh

रामकेश एम.यादव (रायल्टी प्राप्त कवि व लेखक),

मुंबई

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