Happy Diwali Hindi Poem

उजालों की तरफ जाना दीवाली है | Happy Diwali Hindi Poem

उजालों की तरफ जाना दीवाली है

( Ujalon ki taraf jana diwali hai )

 

अंधेरों से उजालों की तरफ जाना दीवाली है।
किसी की नम निगाहों में खुशी लाना दीवाली है।।

 

अगर रोता मिले कोई कभी उसको हँसा देना
निराशा को जहां देखो, वहाँ आशा जगा देना

 

किसी गिरते को बाहों में, उठा पाना दीवाली है।
अंधेरों से उजालों की तरफ जाना दीवाली है।।

 

निवालों के लिए जिनकी सुबह और शाम काली है
मिले भरपेट जिस दिन तो, तभी होती दीवाली है

 

किसी की भूख मिटवाने दिया खाना दीवाली है।
अंधेरों से उजालों की तरफ जाना दीवाली है।।

 

कवि भोले प्रसाद नेमा “चंचल”
हर्रई,  छिंदवाड़ा
( मध्य प्रदेश )

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