दिवाली बधाई हो बधाई | Hindi Diwali Kavita

दिवाली : बधाई हो बधाई

 

बधाई हो बधाई,
दिवाली की शुभ घड़ी आई।
बधाई हो बधाई,
मेरे घर आंगन खुशियां लाई।
बधाई हो…।।1।।

फूलों की माला लेकर,
नवरंग की रंगोली बनाई।
फूलों से सज गए घर,
लड्डू और मिठाई खाई।
बधाई हो…।।2।।

प्रकाश का यह त्यौहार,
खुशियों की सौगात है आई।
शुभ लाभ का वास मेरे द्वार,
घर में सुख समृद्धि जो लाई।
बधाई हो…।।3।।

नए-नए कपड़े पहनकर,
घर परिवार में धूम मचाई।
छोटे बड़े नाचे झूमकर,
पटाखों की लड़ी भी जलाई।
बधाई हो…।।4।।

खुश हो गए सब देखकर,
घर में अक्षय लक्ष्मी जी आई।
मेरा सौभाग्य बनकर,
मेरे नवजीवन को चमकाई।
बधाई हो…।।5।।

घर में रहे खुशीयां अपार,
सदा हमपर कृपा है बरसाई।
जीवन में आनंद का भंडार,
धन कुबेर लक्ष्मी की परछाई।
बधाई हो…।।6।।

 

रचनाकार – हरिदास बड़ोदे ‘हरिप्रेम’
शिक्षक/कवि/लेखक/लोकगायक/समाजसेवक
शहर-आमला, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश)

यह भी पढ़ें :-

भीम मंगलगान | Bhim Mangalgaan

Similar Posts

  • एक मुहिम चलाएं | Positive kavita

    एक मुहिम चलाएं ( Ek muhim chalaye )      एक मुहिम चलाऐं सबको अपना मीत बनाने की। सब मिलकर शुरुआत करेंगे ऐसी रीत चलाने की।।   बदले वाली भावना सब को, मन से दूर भगानी है। प्रेम बढ़े जिसे आपस में, ऐसी अलख जगानी है।। चाहत मेरी है प्रेम जगाने वाला गीत सुनाने की।…

  • आदिवासी समाज

    आदिवासी समाज संस्कृतिमें हमारीप्रेम अपार है,प्रेम से ही सुगन्धितसारा संसार आदिवासी समाजने पहलकी प्रकृतिकी, प्रकृतिके बिना खवाबोंका नकोई आकार है…”“समय आने परदिखा देना किआपने क्या किया है मानवता की खातिरजरूरत सेज़्यादा मौनआपके पक्ष कोकमज़ोरसाबित करता है…“जंगल के जीवों सेआपका उचित हैव्यवहारजिससे आपके यश काहोता है विस्तार…”“माटी ने आवाज़दी है साथियों, आजफिर एक रण लड़ा जाएप्रकृति…

  • बोल कर तो देखो

    बोल कर तो देखो   सुनो- तुम कुछ बोल भी नहीं रहे हो यहीं तो उलझन बनी हुई है कुछ बोल कर दूर होते तो चल सकता था…..     अब बिना बोले ही हमसे दूर हो गए हो ये ही बातें तो दिमाग में घर कर बैठी है अब निकालूँ भी तो कैसे कोई…

  • नारी मन | Kavita Nari Man

    नारी मन ( Nari Man )   नारी मन, प्रेम का दिव्य दर्पण परम माध्य सृष्टि सृजन, परिवार समाज अनूप कड़ी । सदा उत्सर्गी सोच व्यंजना, पर आनंद हित सावन झड़ी । संवाहिका संस्कृति परंपरा, अग्र पाद धर्म आस्था तर्पण । नारी मन, प्रेम का दिव्य दर्पण ।। मृदुल मधुर अंतर भाव, नैसर्गिकता अंग प्रत्यंग…

  • नन्द किशोर बहुखंडी की कविताएं | Nand Kishore Poetry

    छलावा उनकी प्रेम की बातें सिर्फ़ छलावा है,गंगा, यमुना तहजीब मात्र एक दिखावा है। भाईचारे की बात करके गर्दन काट देते हैं,सेवँई आपको खिलाएँ, दिवाली की मिठाई न खाते हैं। मेहमान, दोस्त बनकर आते दिल में जहर भरे रहते,कब आपको डस डाले, इसी फिराक में सदा रहते। समझो इस धोखे को अब एकजुट सबको रहना…

  • आई फ्लू | Eye Flu

    आई फ्लू ( Eye Flu )    बारिश बुला रही बीमारियां रखना उसका ध्यान, छूने मत देना प्रभावित व्यक्ति कोई भी सामान। नाक-कान स्कीन के साथ रखें ऑंखों का ध्यान, मौसम-करवट बदल रहा बचना सभी इन्सान।। आज हर तरफ़ा हो रहा है इस वायरस का शोर, हल्के में नहीं लेना इसको करना बातों पर गौर।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *