बारिश

बारिश | Barish Poem in Hindi

बारिश

( Barish )

बारिश जब जब आती है,
खुशियां लेकर आती है।
धरती मां की प्यास बुझाती,
किसान के मन में खुशियां लाती।

मोर पपीहा कोयल गाये,
सब जीवों की प्यास बुझाए।
फल, फूल और हरियाली लाए,
जब जब भी बारिश आए।

यह बच्चों के मन को भाए,
कागज की वह नाव चलाए।
बारिश से होते रास्ते गीले,
भर जाती नदिया झीलें।

कोई न घर से बाहर जाए,
बच्चे बाहर खेल न पाए।
जब जब भी बारिश आए,
संग वह अपने हरियाली लाए।

आओ, हम सब मिलकर
गीत गायें, खुशियां मनाएं,
इस बारिश के मौसम का
हम सब मिलकर आनंद उठाएं।

कक्षा 9, गांव बनकसही
जवाहर इंटर कॉलेज नवाबगंज
ब्लॉक नवाबगंज डिस्ट्रिक्ट बहराइच
पिन कोड 271865

यह भी पढ़ें :-

आओ सीखें | Kavita Aao Shikhe

Similar Posts

  • Samay par kavita | कैसा यह समय है

    कैसा यह समय है ? ( Kaisa Yah Samay Hai ) शिक्षा को मारा जा रहा है अशिक्षा को बढ़ावा देकर असल को महरूम किया जा रहा चढ़ावा लेकर हिसाब बराबर किया जा रहा कुछ ले दे कर विश्वास पर हावी है अंधविश्वास गरीबों को मयस्सर नहीं अब घास देखता आसमान दिन-रात बरसे तो बने…

  • बिन सहारे | Bin Sahare

    बिन सहारे ( Bin Sahare )    वक्त को भूलकर जो बढ़ जाते हैं आगे वक्त उनका पीछा छोड़ता नही कभी वक्त के साथ चलना जरूरी तो है,मगर वक्त से बेवफाई भी चलती नही कभी यह न समझिए की वक्त आपका ही है आप मालिक नही हैं वक्त के वक्त भी चलता है औरों की…

  • चलो दिवाली मनाएँ | Diwali Poem Hindi

    चलो दिवाली मनाएँ ! ( Chalo diwali manaye )    राम लौटे फिर से अयोध्या, चलो दिवाली मनाएँ, असत्य पे हुई सत्य की जीत चलो दिवाली मनाएँ। खेत-खलिहान, घर-आंगन में वो फैला उजियारा, फूल-झड़ियाँ घर-घर छूट रही चलो दिवाली मनाएँ। कोई न रहे गैर जहां में सभी से अपना नाता, हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई चलो दिवाली मनाएँ। सबके…

  • अनुबंध | Anubandh

    अनुबंध ( Anubandh )   रिश्ता है अनमोल भाई बहन का ये नही बंधन महज एक कलाई का ये त्योहार नही है फकत राखी का बहन के लिए भाई है साथ बैसाखी का जन्मों जन्मों के बाद ये रिश्ता बनता है रिश्तों के आंगन मे बन पुष्प खिलता है उम्रभर निभाने का ये तो एक…

  • ग्लानि | Glaani

    ग्लानि ( Glaani )    दूरी मे बढ़ न जाए और दूरी करें प्रयास खत्म करने का होगा कल का वक्त और ही करें कोशिश आज को बदलने का बढ़ने न दो जख्म को बातों से यादों को नासूर न होने दो कभी उठे न दीवार की गिर ही न पाए कुछ जगह जोड़ की…

  • मंदिर बनने वाला है | Kavita Mandir Banne Wala Hai

    मंदिर बनने वाला है ( Mandir banne wala hai )    मन धीर धरो क्यो आतुर हो,अब शुभ दिन आने वाला है। साकेत की दिव्य धरा पर फिर से, मंदिर बनने वाला है। अब हूक नही हुंकार भरो, श्रीराम का जय जयकार करो, तुम पहन लो केसरिया साँफा, घर राम का बनने वाला है। राजा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *