Hindustan par kavita

हिंदुस्तान | Hindustan par kavita

हिंदुस्तान!

( Hindustan )

 

मोहब्बत की जमीं का नाम है हिंदुस्तान,
अनेकता में एकता का नाम है हिंदुस्तान।

अखिल विश्व को जो मानता अपना कुटुंब,
उस वसुधैव कुटुंबकम का नाम है हिंदुस्तान।

जिस पावन धरती पर राम वन गमन किये,
उस त्याग – तपस्या का नाम है हिंदुस्तान।

देश की आजादी में चूमें फांसी का फंदा,
ऐसे शहीदों की भूमि का नाम है हिंदुस्तान।

हों सभी सुखी और जगवाले हों नीरोगी,
ऐसी पवित्र सोच ये रखता है हिंदुस्तान।

दुनिया के कोने-कोने से आते यहाँ संगम पे,
माँ गंगा की दुवाओं से तारता है हिंदुस्तान।

सिखाया सबको गणित शून्य,दशमलव देके,
विश्व गुरु के इस नाम से रोशन है हिंदुस्तान।

सैटेलाइट से नाप डाला ये मंगल -चाँद को,
स्पेस का बादशाह मेरा हुआ है हिंदुस्तान।

आन -बान – शान है इस देश का तिरंगा,
दुश्मन को धूल भी चटाता है हिंदुस्तान।

सभी का खून शामिल है देखो इस मिट्टी में,
हर किसी के दिल में महकता है हिंदुस्तान।

 

 

रामकेश एम यादव (कवि, साहित्यकार)
( मुंबई )
यह भी पढ़ें:-

ऐ चीन | Kavita Ae China

 

 

Similar Posts

  • भारत के लाल | Bharat ke lal

    भारत के लाल ( Bharat ke lal )   मत लूटो कोई देश की दौलत, बल्कि नेता सुभाष बनों। राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, लाला लाजपत राय बनों। मंगल पाण्डेय, झाँसी की रानी, ऊधम सिंह, आजाद बनों। अशफाकउल्लाह, अवध बिहारी, रोशन, बिस्मिल, राजेंद्र बनों। शौर्य, पराक्रम से भरी हुई हैं, देखो, अनंत कथाएँ। स्वतंत्रता के उस…

  • वह गमों में भी मुस्कुराती है | Poem Wo Ghamon Mein bhi Muskurati hai

    वह गमों में भी मुस्कुराती है ( Wo ghamon mein bhi muskurati hai )   हंसकर कहकहा लगाती है गम अमृत समझ पी जाती है बहते नीरो को छिपा जाती है सुनकर भी सब दबा जाती है निष्ठा से फिर खड़ी हो जाती क्योंकि वह सब भाप जाती है शांति के लिए सह जाती है…

  • अमन का दरख्त | Aman ka Darakht

    अमन का दरख्त! ( Aman ka darakht )   काँटा बोनेवाला आदमी, इंसान तो नहीं, पर डरो नहीं उससे, वो भगवान तो नहीं। एक आदमी में होते हैं दस-बीस आदमी, मतकर उसपे ऐतबार,नुकसान तो नहीं।   डरते हैं हम जमीं वाले ऐ! खुदा, हम कोई फरिश्ता, कोई आसमान तो नहीं। बारूद से पाटी जा रही…

  • पिता | Pita ke Upar Kavita

    पिता ( Pita )  ( 4 ) पिता एक उम्मीद है एक आस है , परिवार की हिम्मत और विश्वास है । बाहर से सख्त अंदर से नर्म है, उनके दिल में दफन कई मर्म है। पिता संघर्ष के आंधियों में हौसलों की दीवार है, परेशानियों से लड़ने को दो धारी तलवार है। बचपन में…

  • ये दिवाली है निराली

    ये दिवाली है निराली जगमग-जगमग करती आई प्यारी ये दिवाली,कोना कोना साफ़ करों बजाओ सब ये ताली।कार्तिक माह की अमावस है इसदिन निराली,जेब हमारी ख़ाली है पर पकवान भरी थाली।। साफ़ करों घर का ऑंगन एवं बाहर की नाली,दोस्तों के संग ख़ूब खेलो राम-श्याम मिताली।बयां नही किया जाता अलोकित यह दिवाली,मालपुआ शक्करपारा संग दाल बनें…

  • नारी नित नमनीय | Nari Nit Namniye

    नारी नित नमनीय ( Nari Nit Namniye )   रंग बिखरे हों रंगोली से भरा हो सारा आकाश नेह का काजल लगाकर खत्म सारे ‘ काश’ हों …..! आदी से उस लक्ष्य तक की वीथिका के वृत्त को जोड़ती और संवारती अब बने हम व्यास। जगत सृजित करे नारी ही बहन बेटी पत्नी मां का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *