कुशल राजनीतिज्ञ थे वाजपेयी ‌| Vajpayee ji par kavita

कुशल राजनीतिज्ञ थे वाजपेयी ‌

( Kushal rajnitigya the Vajpayee )

 

अपनें आदर्शों से बनाई जिन्होंने ख़ास पहचान,
ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ‌ थें वें प्रधानमंत्री महान।
अटल जिनके इरादें एवं अटल बिहारी था नाम,
ढ़ेर कविताएं लिखी इन्होंने बरसे‌ जिससे ज्ञान।।

 

वें प्रेरणादायक ऐसी रचनाएं हुई प्रसिद्ध संसार,
ज्ञान ध्यान वें करते रोज़ाना सबसे करते प्यार।
खिला रहता फूलों सा चेहरा प्यारी थी मुस्कान,
भूला नही सकतें हम उनको ऐसा था व्यवहार।।

 

देश विदेश से बहुत पुरस्कार किऐ इन्होंने नाम,
पद्मविभूषण श्रेष्ठ सांसद से बढ़ा जिनका मान।
राष्ट्रप्रेम की धारा में इनके सदा बहते अल्फाज़,
सर्वश्रेष्ठ भारतरत्न से हुआ आपका ये सम्मान।।

 

कृष्णा देवी माता से जन्में अटल जी महापुरुष,
ग्वालियर की पावन धरा में २५-१२-१९२४ में।
पिता अध्यापक / कवि कृष्ण बिहारी वाजपेयी,
५० वर्ष तक सक्रिय रहे अटलजी राजनीति में।।

 

पूर्व प्रधानमंत्री कुशल राजनीतिज्ञ ऐसे थे आप,
सारी दुनिया से जीता प्यार और विश्वास आप।
१० सदस्यों से भरा आपका यह प्यारा परिवार,
७ भाई बहन में अविवाहित थें जीवनभर आप।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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