Holi Prem

होली का त्यौहार

होली का त्यौहार

होली पर्व पर हमारा बस एक ध्यान हों ।
हर पल हमारे प्रभुवर का नाम हों ।
जब तक इस तन में प्राण हैं तब तक नाम हों ।
हम मूर्च्छा को तोड़े प्रभुवर का नाम हों ।
खाते – पीते सोते जागते प्रभुवर का नाम हों ।
जग की माया से पग – पग पर हमने धोखा खाया हैं ।
इस संसार चकव्यूह में फँसकर अनजान हैं ।
मुख में हमने बिसराया दुःख में न भजन करे हैं ।
अब ऐसी तल्लीनता हों निश दिन पहचान रहें ।
नयनों में प्रभु की सूरत हों ।
मन दर्पण में स्थित मूरत हों ।
इन साँसो में प्रभु का अवधान हों ।
अदभुत मानव जीवन मिला हैं ।
मुक्ति पथ को वरने का चिन्तन हों ।
राग – द्वेष का ह्रदय से त्याग हों ।
संयम समता सहनशीलता की डगर हों ।
ज्योतिर्मय बनकर अँधकार को दूर भगायें।
शुद्ध आत्म स्वरूप को पाकर मोक्ष को पायें ।


प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

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