इसका क्या करना | Iska Kya Karna
इसका क्या करना
कौन कैसा है इसका क्या करना
तुम समझदार हो वफा करना
जिसने उँगली दी उसके हाथ गए
कितना मुश्किल हुआ भला करना
क्या भरोसा है कल ही मर जाँए
ज़िंदगी तुझसे क्या गिला करना
रोज़ ख्वाबों से बच न जाया कर
मेरी नींदों पे कुछ दया करना
सब परेशां है आस पास मगर
वो भी हँस देंगे तू हँसा करना
आप भी क्यों नहीं समझते हैं
अच्छा लगता है क्या मना करना
चाल बाज़ी ‘असद’ से रहने दो
भारी पड़ जाएगा मज़ा करना

असद अकबराबादी







