नज़र ने बोल दिया

नज़र ने बोल दिया

नज़र ने बोल दिया

नज़र ने बोल दिया बू-ए-हाथ से पहले
न जाने किस से मिला है वो रात से पहले

वो मेरे साथ ही ग़मगीन सा नज़र आया
जो हँस रहा था बड़ा मेरे साथ से पहले

मुझे लगा ही था ये बात होने वाली है
सो देखना था तेरा हाल बात से पहले

ख़बर बुरी ही सही मैं तो संग दिल ठहरा
प दिल से आह उठी जुज़्ज़ियात से पहले

वो हर तरह से मुझे भूलने लगा यानी
उसे मैं याद था इस एहतियात से पहले

वो दिन भी आए ‘असद’ काश जीतेजी मेरे
सभी को प्यार दिखे ज़ात पात से पहले

असद अकबराबादी 

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