खूब उसने जफ़ा की | Jafa Shayari

 खूब उसने जफ़ा की

( Khoob usne jafa ki )

 

रोज़ जिससे दोस्ती में वफ़ा की
साथ उसने रोज़ मुझसे दग़ा की

भूल जाऊं बेवफ़ा को हमेशा
खूब रब से रोज़ मैंनें दुआ की

याद के उसकी भरे ज़ख्म कब है
खूब ज़ख्मों की यहाँ दवा की

देखिये वो बेवफ़ा की निग़ाहे
प्यार की दिल से वफ़ाए जुदा की

प्यार से वो देखता अब नहीं है
आजकल उसने निग़ाहे ख़फ़ा की

प्यार से आज़म दिया फूल कब है
आशिक़ी में खूब उसने जफ़ा की

 

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

जिंदगी में इस क़दर बेबसी है | Bebasi Shayari

Similar Posts

  • जवानी | Jawani Shayari

     जवानी (  Jawani )    छीन न ले डरता हूँ फिर से होश जवानी जगा रही है दिल में फिर से जोश जवानी बात करो फूलों ,तितली,परबत नदिया से अच्छी नहीं लगती है ये ख़ामोश जवानी महबूबा ने वस्ल का वादा अगर किया हो बन जाती है फिर तो ये ख़रगोश जवानी लाखों काँटे हैं…

  • अमित की ग़ज़ल | Amit ki Ghazal

    अमित की ग़ज़ल ( Amit ki GHazal )   साथ मेरे चली है ग़ज़ल ज़िंदगी भर कही है ग़ज़ल गुफ़्तगू रोज़ करती रही दिलरुबा सी लगी है ग़ज़ल ग़ैर का दुख भी अपना लगे मुझमें शायद बची है ग़ज़ल कैसे कह दूँ मैं तन्हा रहा ? साथ मेरे रही है ग़ज़ल ज़हनो दिल से जो…

  • कोई शिकवा शिकायत ही नहीं | Shikwa Shikayat

    कोई शिकवा शिकायत ही नहीं ( Koi shikwa shikayat hi nahi )   کوئی شکوہ شکایت ہی نہیں ہے مجھے تم سے عداوت ہی نہیں ہے कोई शिक्वा शिकायत ही नहीं है मुझे तुम से अदावत ही नहीं है تمہارے بعد میں اۓ جان جاناں کسی سے اب محبت ہی نہیں ہے तुम्हारे बाद में…

  • आसमान छोड़ गये | Aasman Chhod Gaye

    आसमान छोड़ गये ( Aasman Chhod Gaye ) 1.ख़मोशियों का फ़कत आसमान छोड़ गयेकिसी की याद के पंछी मचान छोड़ गये2.महक रहा है उसी की महक से तन सारावो दिल दिमाग़ में जो जाफ़रान छोड़ गये3.घड़ी-घड़ी ही ये लगता है आसपास हो तुमदयारे-होश में कैसा गुमान छोड़ गये4.उसी सहारे से मंज़िल पे आ गया मैं…

  • नमी | Sad Urdu Shayari in Hindi

    नमी ( Nami )    क्यों आँखों में अक्सर नमी रह गई जो नहीं मिला उसकी कमी रह गई। यूँ भीड़ में चलते रहे हज़ारों बस अपनों को ढूढ़ती ये नज़र रह गई। समंदर भर एहसास गुजरते देखे मगर कायम इक तिशनगी रह गई। सुधारा बहुत अपनी कमियों को फिर सुना वो बात नहीं रह…

  • तिरंगो से सज़ा देखो वतन है | Tirango se Saja

    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है  ( Tirango se saja dekho vatan hai )    तिरंगो से सज़ा देखो वतन है गुलों से यूं भरा अपना चमन है सलामत ए ख़ुदा रखना हमेशा वतन का जो हसीं मेरे फ़बन है नहीं आये कभी कोई मुसीबत वतन में रब सदा रखना अमन है किसी में बू…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *