झाडू वाला
झाडू वाला

🧹🚶🧹 झाडू वाला 🧹🚶🧹

–>कचडे वाला आया……||

1.ये कौन आया सुबह-सुबह, कब से शोर मचाता है |
खर-खर की करता आवाजें, हमें सोते हुए जगाता है |
कचडा वाला आया कहकर, लम्बी आवाज लगाता है |
भैया-भाभी कचडा दे दो, कहकर कचडा ले जाता है |

–>कचडे वाला आया……||

2.पूँछा मैने माँ से एक दिन, ये कचडा वाला कैसा है |
माँ बोली वो तो साफ करे, वो वैक्युम-क्लीनर जैसा है |
सारे कचडे को ले जाता, गली-नगर-मौहल्ला साफ करे |
रोज सबेरे गली-गली मे, जा-जा कर कचडा साफ करे |

–>कचडे वाला आया……||

3.कचडे वाले तो हम हैं बेटे, जगह जगह फैलाते हैं |
कर सकते हैं एक जगह, पर हम ही उसे शैलाते हैं |
प्रतिदिन सुबह वो आता है, घर-घर से ले जाता है |
कई बला बीमारियों से, हर रोज हमें वो बचाता है |

–>कचडे वाला आया……||

4.लगन लगा कर काम करे, मानो तो वो एक योद्धा है |
न काम से उसके जानें हम, उसका भी अपना ओहदा है |
हम सबके स्वस्थ शरीर पर, उसका भी गहरा हांथ है |
स्वस्थ रहेंगे हम सब जब तक, सफाई कर्मी का साथ है |

–>कचडे वाला आया……||

कवि :  सुदीश भारतवासी

 

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