काश ऐसा कमाल हो जाए

काश ऐसा कमाल हो जाए | Kaash Aisa Kamaal ho Jaye

काश ऐसा कमाल हो जाए

( Kaash Aisa Kamaal ho Jaye )

काश ऐसा कमाल हो जाए।
उससे फिर बोलचाल हो जाए।

वो अगर हम ख़याल हो जाए।
ज़िंदगी बेमिसाल हो जाए।

देखले गर उसे नज़र भर कर।
पानी-पानी हिलाल हो जाए।

उसके होंठों पे लफ़्ज़े हां हो तो।
ह़ल मिरा हर सवाल हो जाए।

दूर हो जाए वो अगर पल भर।
मेरा जीना मुह़ाल हो जाए।

वो क़रीब आ के मुस्कुरा दे तो।
दूर हर इक मलाल हो जाए।

वो न बोले फ़राज़ तो यह दिल।
रोते-रोते निढाल हो जाए।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

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