Kagaz aur Note

कागज और नोट | Kagaz aur Note

कागज और नोट 

( Kagaz aur note ) 

 

बचपन में पढ़ने का

या अच्छा कुछ करने का

मन कहां?

और कब?

होता है।

पर मां समझाती थी

एक ही बात बताती थी

पढने से

कुछ करने से

पैसा आता है

सहूलियत आती है

और ज़िंदगी सुधर जाती है।

चड़ पड़ा

बस्ता लिए

स्कूल को,

अचानक ठहर गया

देखकर

मदारी का खेल

जहां हो रहा था

ठेलमठेल

रेलमपेल।

मदारी कागज से

बनाया कड़ी कड़ी नोट

मेरे मन में आया सोंच

क्या फायदा

पढ़ने से,

मैं भी सीख लूं

कागज से बनाना नोट।

फिर अचानक

देखा मदारी को

मांगते हुए पैसा

मैने सोंचा!

ये कैसे

हो सकता है ऐसा,

जो कागज से

बनाता पैसा

करता है

चमत्कार,

वह पैसे के लिए

इतना क्यूं है

लाचार।

वह मेरे पास भी आया

मैंने उसको

बड़े मासूमियत से

समझाया,

हे भाई!

ए लो मेरी कापी

ए तेरे लिए होगा काफी

इससे बनाना नोट

तेरे सब मिटेंगे

गरीबी

मजबूरी

और दिल के सारे चोट।

वह चौंका

घूरते हुए मुझ पर

भौंका

अरे!

आदमी हो!

यह जादू है,

सच्चाई थोड़ी है।

मैं समझ चुका था

जादू सच नही होता

सच सच होता है।

फिर भी

सोंच कर देखो

कोई जादूगर

कागज को नोट बनाता है

और नोटबंदी-

नोट को कागज बनाता है।

 

रचनाकार रामबृक्ष बहादुरपुरी

( अम्बेडकरनगर )

यह भी पढ़ें :-

जिंदगी की किताब | Zindagi ki Kitaab

Similar Posts

  • चंद्रघंटा मां | Chandraghanta Maa

    चंद्रघंटा मां ( Chandraghanta Maa )    स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक शारदीय नवरात्र तृतीय बेला, शीर्षस्थ भक्ति शक्ति भाव । सर्वत्र दर्शित आध्यात्म ओज, जीवन आरूढ़ धर्म निष्ठा नाव । चंद्रघंटा रूप धर मां भवानी, शांति समग्र कल्याण प्रदायक । स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।। साधक पुनीत अंतर्मन आज, मणिपूर चक्र…

  • महकती सांसों में तुम्हें बसा लूं | Mahakati Saanson Mein

    महकती सांसों में तुम्हें बसा लूं ( Mahakati Saanson Mein Tumhe Basa Loon ) मेरी महकती सांसों में तुम्हें बसाके रखूंगा। सांसों की सरगम सजीली बना के रखूंगा। महकती सी फुलवारी हो सजा दूं जो तुम कहो। दिल दीवाना प्यार का मंदिर बना दूं तुम कहो। हसीं वादियां तुमको पुकारे आजा मेरे दिल के द्वारे।…

  • जन्मदिवस मुबारक मां | Happy Birthday Maa

    जन्मदिवस मुबारक मां ( Happy Birthday Maa)    साधारण सा बालक था मै, आशीर्वाद बताया। हर ग़म मुझसे पहले माता, तुझसे ही टकराया। खुद तू आंसू पीती आयी, अमृत मुझे पिलाया। शूल पड़े राहों में मेरे , तूने फूल बिछाया। साधारण सा बालक था मै ,आशीर्वाद बताया। कालसर्प बनकर जब- जब भी ,मुझको डसने आया,…

  • कागा कारवां | Kaga Karvan

    हिंदी है हम हिंदी है हम हिंदी राष्ट्र भाषा हमारी लिखना पढ़ना हिंदी में राष्ट्र भाषा हमारी हिंदी आन बान शान जान ज़ुबान आलीशान रोम रोम में बहती धारा भाषा हमारी हर शब्द में प्रेम की ख़ुशबू पावन कल कल करती रस धारा भाषा हमारी बोल चाल में खिलते दिल के कंवल आनंद की चलती…

  • बेटा | Beta kavita

    बेटा ( Beta )     बुढ़ापे की लाठी बेटा नयनो का तारा बेटा मां बाप का अरमान राज दुलारा है बेटा   नाम रोशन जहां में करता प्यारा दुलारा शुभ कर्मों से घर की आन बान शान बेटा   यश कीर्ति लहराए पुत्र जन्म जब पाये दुनिया में रोशन हो घर का चिराग बेटा…

  • मान्यवर कांशीराम साहेब | Poem in Hindi on Kanshiram

    मान्यवर कांशीराम साहेब ( Manyavar Kanshiram Saheb )   समाज सुधारक व राजनीतिज्ञ थें ऐसे दलितों के नेता, बहुजन नायक एवं साहेब से जिनको जनता जानता। वर्ण व्यवस्था में इन्होंने बहुजनों का एकीकरण किया, न्याय चाहिये तो शासक बनों यें था जिनका कहना।। १५ मार्च १९३४ में जन्में ०९ अक्टूबर २००६ निर्वाण, शोषित दलितों व…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *