75th Republic Day

कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं

कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं

कल गणतंत्र दिवस की भोर है,
मेरा मन आत्म विभोर है।
चारों ओर तिरंगे का शोर है,
रंगोली लाइट द्वार सजे चारों ओर हैं।
कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,
मेरा मन आत्म विभोर है।।

लहरा रहा तिरंगा देखो कैसी शान से,
गूंजेगा कल देश गौरव गान से।
सजा देश केसरिया श्वेत हरे रंग से,
चारों ओर गूंज रहा जय घोष है।
कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,
मेरा मन आत्म विभोर है।।

समस्त धरा से लेकर नभ तक,
जहाँ जहाँ नजर जाए वहां तक।
मातृभूमि पर जाने वाले पथ तक,
बच्चे,बूढ़े,जवान सबके सिरमौर है।
कल गणतंत्र दिवस की भोर है,
मेरा मन आत्म विभोर है।।

Anita Singh

अनीता सिंह
शिक्षक, वि.ख.करेली
जिला-नरसिंहपुर

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