Kam Khana aur Gam Peena

कम खाना और ग़म पीना | Kam Khana aur Gam Peena

कम खाना और ग़म पीना

( Kam khana aur gam peena ) 

 

अपने इस स्वास्थ्य को बेहतर सभी रखना,
खानें के लिए नही जीने के लिये है खाना।
पाचनशक्ति ठीक व वज़न को कम रखना,
सदा कम ही खाना एवं यह ग़म पी जाना।।

बिना दवाईयों के सबको पेट ठीक रखना,
स्वयं समझदार बनकर सबको‌ समझाना।
स्वास्थ्य से बढ़कर संसार में कुछ भी नही,
ये पसीना बहाना एवं मेहनत करते जाना।।

स्वस्थ-तन स्वस्थ-मन तो स्वस्थ ये जीवन,
आनंदित ये दसों दिशाएं घर परिवार संग।
नही देना निमंत्रण कोई इन‌ बीमारियों को,
जिनसे लड़ना पड़े व करना पड़े ऐसे जंग।।

बढ़ रही है आजकल कई सारी बीमारियां,
डायबिटीज़ हार्ट अटैक शुगर और कैंसर।
किडनी बी पी एड्स और यह सोरायसिस,
इसलिए मोटापा कमकर यही है अवसर।।

फिटनेस का ध्यान रखे ना ले मदिरा मांस,
करना दौड़ व व्यायाम योग और उपवास।
शामिल करे जीवन में ये रोज़‌ मार्निंगवाक,
शुद्ध स्वच्छ पानी-पीना ताज़ा लेना श्वास।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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