Kanhaiya Padharo hamare Angana

कन्हैया पधारो हमारे अंगना | Kanhaiya Padharo hamare Angana

कन्हैया पधारो हमारे अंगना

( Kanhaiya padharo hamare angana )

 

कन्हैया पधारों आप हमारे भी अंगना,
शांति-समृद्धि की दे हमें शुभ कामना।
कही भटक न जाएं हम गलत राह पर,
शरण मे रखना एवं हमको ना ‌भूलना।।

सारे जग के कान्हा तुम हो प्यारे-प्यारे,
दिलों में बसे हो बुड्ढे बच्चें जवान सारे।
तुझे सांवरिया गिरधारी कहते बनवारी,
किस-किस नाम से तुम्हें जगत पुकारे।।

तुमको पूजते धरती पर सभी नर-नारी,
कब आओगे देवकीनंदन कृष्ण मुरारी।
ये अंखियां हो रही जो व्याकुल हमारी,
इस जगत में पाप बढ़ रहा देखो भारी।।

सूना- सूना है वृन्दावन मोहन तेरे बिन,
अब लगता ‌नही है हमारा यहां पे मन।
नही रहे ग्वाल, गाय और शुद्ध माखन,
आकर सुना दो बांसुरी की प्यारी धुन।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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