कथा रिटायरमेंट की

कथा रिटायरमेंट की

कथा रिटायरमेंट की

( हास्य )

.लाली जी कर घोषणा, हुई रिटायर आज।
सब सुन लो खुद ही करो, अपना अपना काज।।
मैं न करूँ अब काम कुछ, मलो हाथ अरु पैर।
मेरे काम सभी करो, तभी मनेगी खैर।।
लालू चौके में गए, पुलक पकाई खीर।
छौंका राई-हींग से, लाली भईं अधीर।।
लल्ला ने सोचा करें, मम्मा को इम्प्रैस।
सिंथेटिक साड़ी बिछा, गर्म घुमाई प्रैस।।
धुंआ उठा हो गया था, एक बड़ा सा छेद।
लाली को होने लगा, निज निर्णय पर खेद।।
मालिश करने को हुई, देवरानी तैयार।
मला किरोसिन तेल तो, लाली जी अंगार।।
शांत करा सिर धुलाया, लल्ली ने ले सोप।
बालसफा शैंपू समझ, मला चली तब तोप।।
झाड़ू-चिमटा उठाकर, चंडी बन फटकार।
लाली ने झट सम्हाला, घर का कारोबार।।

संजीव सलिल

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