Kavita hansate hansate lotapot

हंसते हंसते लोटपोट | Kavita hansate hansate lotapot

हंसते हंसते लोटपोट

( Hansate hansate lotapot )

 

 

खिलखिलाकर हंस पड़े लोटपोट हो गए सारे।
कहकहे गूंज उठे गगन में भी मुस्कुराए तारे।

 

हंसो हंसाओ सबको आनंद की बरसात हो।
हंसी खुशी में दिन बीते खुशियों भरी रात हो।

 

हंसी मजाक की बात करें हंसमुख कहलाते वो।
हंस-हंसकर जीवन में स्वर्ण शिखर को पाते वो।

 

हंसी हंसी में कर जाते संभव सारे काम को।
खुशियों का खजाना हंसी दुनिया में नाम हो।

 

दिलों की खोल खिड़कियां खुलकर हंसो प्यारे।
जिंदगी बदल जाएगी दमकते भाग्य सितारे।

 

दुख को हंसी में टालो सुख के खोलो द्वार।
खुशियां दस्तक देती बढ़कर करो सत्कार।

 

हंसा सको औरों को मुस्कान लबों पर आए।
जमाना भी उसका है जो हंसे और हंसाए।

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/kavita-mere-shri-ram/

Similar Posts

  • आई होली मस्तानी | Geet aayi holi mastani

    आई होली मस्तानी ( Aayi holi mastani )   सबके दिल को जीता, सबके मन को भा गया। यू.पी. में लो फिर से, अब योगी राज आ गया। खुशियां ले चेहरे पर, छाया रंग होली का सारा। मधुर तराने गीत गूंजे, बोले तुन तुन तारा रा रा। जोगीरा सा रा रा रा,जोगीरा सा रा रा…

  • नींद के शत्रु खटमल | Khatmal

    नींद के शत्रु खटमल ( Neend ke shatru khatmal )    मन पसन्द जगह है जिनकी रजाई गद्दे और बिस्तर, रात्रि को हमला करते है और ख़ून पीते वो जमकर। मानसिक बीमारी का डर रहता जिससे हमें अक्सर, कहते है खटमल‌ उनको जो हमला करते छुपकर।। शत्रु होते ये नींद के जो रात्रि में निकलते…

  • झाडू | Jhadu | Kavita

    झाडू  ( Jhadu ) उठ कर सुबह पहला काम…|| 1.सुबह हुई फिर नींद खुली, और हांथ मे ले ली जाती है | सबसे पहले उठ सुबह सबेरे, हर रोज घसीटी जाती है | आंगन कमरे दहलानों का, सब कूडा इकठ्ठा करती है | काम खतम कर सब अपना, कोने मे रक्खी रहती है | उठ…

  • अल्बर्ट आइंस्टीन | Albert Einstein

    अल्बर्ट आइंस्टीन ( Albert Einstein )   तुम्हें आशिक कहे या वैज्ञानिक कुछ ना समझ मैं पाता। दुनिया ने माना तुम्हें महानतम वैज्ञानिक । जिसके बुद्धि का लोहा आज भी माना जाता । लेकिन तुम्हारे दिल में जीवन भर रही एक टींस एक प्यास अपने प्रियतम को पाने की। प्रेम की खोज में खोज डालें…

  • मोक्ष की ओर बढ़ें | Moksh

    मोक्ष की ओर बढ़ें! ( Moksh ki ore badhen )   हे ! उसकी कृपा बरसे, दुनिया सदा हरषे। आकर के जग में, प्रभु की शरण में, मोक्ष की ओर बढ़ें। हे! उसकी कृपा बरसे, दुनिया सदा हरषे। साँसों के तारों से, जीवन की धारों से, मिलके जहां से चलें । हे ! उसकी कृपा…

  • राखी | Kavita Rakhi

    राखी ( Rakhi ) “धागा” तो इसका कच्चा सा होता है. मगर यह रिश्ता यह पक्का सा जोड़ता है। होता तो है यह कमजोर बहुत ही… सबसे ज्यादा मजबूती यही प्रदान करता है। भाई तो हर बहन का ही मान होता है. कभी दोस्त कभी पिता समान होता है. कभी हँसाता है, तो कभी रुला…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *