Kavita Kali Mirch

काली मिर्च | Kavita Kali Mirch

काली मिर्च 

( Kali Mirch ) 

 

काली है वह रूप से लेकिन है बहुत गुणकारी,
प्रकृति की जो देन है पीड़ा हर लेती वो भारी।
हर घर में मिल जाती है वो आसानी से हमारी,
ज़ायका खाने में बड़ा देती दूर करती बीमारी‌।।

दक्षिण भारत में ख़ासकर जिसकी खेती होती,
उसके उत्पाद से जनता ज़्यादा मुनाफा पाती।
काली मिर्च के नाम जानता सारा विश्व इसको,
मधुर वाणी के साथ-साथ याद्दाश्त ये बढ़ाती।।

किसी भी तरह के कैन्सर से हमको ये बचाती,
त्वचा से जुड़ी समस्याओं में सुधार यह लाती।
वजन घटाकर डिप्रेशन से भी निजात दिलाती,
मस्तिष्क एवं बालों को फ़ायदा यह पहुंचाती।।

शादी हो या शाही भोज अथवा बनाएं आचार,
पाचन शक्ति ये बढ़ाकर लाती स्वास्थ्य सुधार।
कभी हंसाती कभी रुलाती साथी करो विचार,
०१ हजार मे किलो आती होता ख़ूब व्यापार।।

एक पौधे से एक किलो लगभग ये प्राप्त होता,
बारह माह उपज पौधो से हमे वो प्राप्त होता‌‌।
रोपण के ०३ वर्ष पश्चात उपज ये आने लगता,
मसालों में फसलों का राजा इसे कहा जाता।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • हम जिंदा हैं

    हम जिंदा हैं   हम जिंदा हैं क्योंकि हमारे जिंदा रहने के कारण हैं   भले ही हमारी रगों का लहू सूख चुका है हमारे कानों तक नहीं पहुंचती कोई चीख पुकार ना ही कोई आहो बका   हम नदी के कगारों पे खड़े ठूंठ हैं   हम खामोश हैं क्योंकि हम दर्शक हैं  …

  • अपनी खिचड़ी अलग पकाना | Kavita Apni Khichdi alag Pakana

    अपनी खिचड़ी अलग पकाना ( Apni khichdi alag pakana )    एक कलम होता कलमकार हथियार, जिसको होता माते शारदे का वरदान। मन की बात लिख देता वह कलम से, सोच-विचारकर यह शब्दों को जोड़ते।। आज अलग थलग सभी रहना चाहतें, सुख दुःख मे भागीदार न होना चाहतें। आज न जाने सभी को यें क्या…

  • हकीकत की भूल | Kavita Haqeeqat

    हकीकत की भूल ( Haqeeqat ki Bhool )    संवरती नही कभी हकीकत की भूल नुमाइश की जिंदगी कागज के फूल बंजर जमीं के नीचे व्यर्थ बीज की गुणवत्ता लोभी नेता के हाथों फली कब देश की सत्ता भरते हैं उडान हरे परिंदे सभी को आसमान नहीं मिलता और की उम्मीद पर गुल नही खिलता…

  • Hindi Poetry On Life | भेदभाव

    भेदभाव ( Bhedbhav )     फर्क नही बेटे बेटी में, दोनों  ही आँखों के तारे है। इक धरती सी धीर धरा तो, दूजा गगन के तारे है।   भेद भाव हमसे ना होता, संविधान सिखलाता है। बेटी ही  बस करता रहता, बेटों को झुठलाता है।   दोनों में अन्तर.क्या बोलों,इक शक्ति तो इक शिव…

  • हे जग के करतार | Jag ke Kartar

    हे जग के करतार ( He jag ke kartar )   हे जग के करतार, जग का पालनहारा, लौटा दो मुस्कान लबों की, सुनो सांवरा प्यारा ।   घट घटवासी अंतर्यामी, हाल पता है सारा, मंझधार में डूबी नैया, प्रभु लगा दो किनारा।   कुदरत कई रंग बदलती, क्यों लीला करते हो, सबको जीवन देने…

  • अनटोल्ड स्टोरी | Untold Story

    अनटोल्ड स्टोरी ( Untold story )    ओ मेरा सब कुछ;मैं उसकी अनटोल्ड स्टोरी अचानक मेरी जिंदगी में एक शख़्स आता है जो मेरा दोस्त भी नही,हम सफर भी नहीं,लेकिन मुझे बहुत भाता है कुछ तो है दरमियां हमारे जिससे बंधी है हम दोनों के बीच बंधन की डोरी ओ मेरा सब कुछ; मैं उसकी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *