सिवा खुद के ( Siva khud ke ) किताबें ही सिखाती नही ,जिंदगी मे सबकुछ जिंदगी भी सीखा देती है हमे बहुत कुछ पढ़नेवाले ने क्या खोया है और क्या पाया है अनपढ़ भी देख समझ लेता है बहुत कुछ ज्ञान धरा पर बपौती नहीं किसी के बाप की संगत भी सीखा देती है…
३३ प्रतिशत आरक्षण नारी बिल पारित हुआ मोदी जी ने सम्मान दिया और पूरे भारत ने भी यह माना है नारी शक्ति को फिर से पहचाना है ।। मातृशक्ति सदा रही सहाय , घर में रहे तो खयाल रखे सबका , घर के सदस्यों,परिवार जन का फिर क्यूं उसको रहने दे असहाय।। “राष्ट्रपति मुर्मू…
सफाई आज तक ये बात मेरी समझ में न आई। तुम करो गन्दगी और मैं करूं सफाई।। मानवता खातिर काल ब्याल है यह, तृणवत न लेना बहुत विकराल है यह, अगर नहीं सम्भले पछताओगे भाई।।तुम करो० गांव गली कस्बा संसद तक फैली, स्वच्छ रखो चादर न होजाये मैली, तन और मन की अब रखो…
रेत का ताजमहल ( Ret ka taj mahal ) दरअसल था महल रेत का ढह गया ताजमहल रेत का स्वप्न है या असल कि पुनः बन गया ताजमहल रेत का प्रेम-मोहब्बत पर पलल खा रहल बड़ा भाव ताजमहल रेत का धनकुबेरो का करें खूब सारिका सेवा-टहल ताजमहल रेत का डॉ. सारिका देवी अमेठी…
बचपन के दिन और खेल ( Bachpan ke din aur khel ) कहां गए वो दिन बचपन के ,पचपन खेल हम खेले नाचे गाए मौज मनाएं ,देखे घूम घूम कर मेले।। कितनी थी सतरंगी दुनिया ,रंगों का था दिलसे मेल एक सीध में दौड़ लगाकर ,छू छू कर दौड़ाए रेल ।। खेल खिलौना…
देखिये जो जड़ों से ( Dekhiye jo jadon se ) पेड़ बस वो ही सारे, सूखे हैं। देखिये जो जड़ों से, रुखे हैं।। कितना मायूस हो के लौटे हैं, जो परिंदे शहर से, छूटे हैं।। उनको मालूम है हवा का असर, जिनके पर रास्तों में, टूटे हैं।। मत लगा मुझ पर…