Kavita mata rani

माता रानी की महिमा

माता रानी की महिमा

 

मां की महिमा अपरंपार
हो जाए सबका बेड़ापार

कर लो माँ के जगरात्रे पूजा व्रत पाठ
नहीं आने देंगी मां तुम पर कोई आंच

शक्ति संप्रदाय की देवी दुर्गा आदि शक्ति भवानी
अंधकार अज्ञानता रूपी राक्षसों से रक्षा करने वाली

ममतामयी मोक्षदायिनी जगत कल्याणकारी मां भवानी
शांति समृद्धि धन-धान्य देने वाली मां जगजननी

पांच देवों में से एक देवी मां दुर्गा सर्व शक्तिशाली
मनचाहा वर तुमने दिया जो भक्त लाया थाली खाली

मैं क्या मांगू माँ तुमसे बिन मांगे सब पाया है
हम भक्तों ने मिलकर तेरी महिमा का गुणगान गाया है

मां तुम दुख शोक संताप को निवारती
मां तेरी महिमा की हम सब गाएं आरती
मां तेरी महिमा की हम सब गाएं आरती

Anita Singh

अनीता सिंह
शिक्षक, वि.ख.करेली
जिला-नरसिंहपुर

यह भी पढ़ें :

शादी में दावत | Kavita Shadi me Dawat

Similar Posts

  • श्री गुरु नानक देव जी | Guru Nanak par kavita

    श्री गुरु नानक देव जी ( Shri Guru Nanak Dev Ji )    प्रथम गुरुवर आप है गुरु नानक सिख समुदाय, सभी की ज़ुबान पर आपका नाम पहला आय। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह, बिना गुरु के मंजिल तक कोई पहुॅंच नही पाय।।   कल्याणचन्द पिता थें जिनके व तृप्ता थी माता,…

  • प्यारी हिंदी

    प्यारी हिंदी मैं मिथिला का वो बेटा हूं, जिसे हिंदी से है यारी।मैं भाषी मैथिली हूं, फिर भी हिंदी प्राणों से है प्यारी।।मेरे धड़कन में लहरे हिंदी की बो गूंज है न्यारी।जिसे गाने को लालायित है दुनियां की हर नर नारी।। 1 कहीं हुंकार है दिनकर जी का है पंत से यारी।कहीं चौहान की गर्जन…

  • फैशन का भूत | Fashion par kavita

    फैशन का भूत ( Fashion ka bhoot )  फैशन का भूत बड़ा मजबूत, साड़ी पर भारी पड़ गया सूट; इसके नाम पर मची है लूट। ठगे जा रहे युवक युवतियां, फंस पछता रहे युवा पीढ़ियां। टाइट जींस , फटे अंगवस्त्र पहनते, अर्द्धनग्न सी रहते,जिस्म आधी ही ढ़कते ! ऐसे कपड़े पहन करते चुहलबाज़ीयां, गुंडे मवाली…

  • रंग | Hindi poem rang

     “रंग”  ( Rang ) –>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं || 1.रंगों से भरी रंगीन दुनियां, अत्यंत ही सुंदर है | जीवन मे सारे रंग भरे, लबालब भरा समंदर है | इन्द्रधनुष जो बिना रंग के, होता तो कैसा होता | ना होती रंगीन धरा तो, सोचो क्या जीवन होता | –>रंग समेटे…

  • बेटी मेरी परछाई | Beti Meri Parchai

    बेटी मेरी परछाई ( Beti Meri Parchai ) नन्ही बिटिया जब घर आई,खुशियों की गूंजी शहनाई,सब ने बोला देखो मुखड़ा,ये तो है माँ की परछाई, भोली सूरत, चंचल आँखें,जैसे बादल से चंदा झाँके,नीद मे उसने ली अँगड़ाई,सचमुच, बेटी मेरी परछाई, किलकारी जब वो लेती है,जैसे मुझसे वो कहती है,मै बस तेरे लिए ही आई,सचमुच, बेटी…

  • पर्यावरण देता हिदायत || Kavita

    पर्यावरण देता हिदायत ( Paryavaran deta hidayat )   मैं  पर्यावरण हूं,  तुम सब का आवरण हूं। रख लोगे गर मुझे सुरक्षित , हो जाओगे तुम भी सुरक्षित। मैं करू सहन अब  कितना? होता न सहन अब इतना। तुम मानव की गलती पर , मैं कुढ़ कुढ़ रोता हूं। मेरी एक ही गलती पर,  देखो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *