क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां

क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां

क्या कहूं! ये इश्क नहीं आसां

********

साजिश की बू आ रही है
घड़ी घड़ी उसकी याद आ रही है
इंतजार करके थक गया हूं
फिर भी नहीं आ रही है।
क्या ऐसा करके मुझे सता रही है?
क्या कहूं ?
साजिश की बू आ रही है
यूं ही तो नहीं मुझे तड़पा रही है
ऐसा न हो कि वो मुझे तरसा रही है!
ऐसा तो नहीं होना चाहिए
क्यों वो मेरी तड़प का इम्तहान ले रही है?
अपनों से ऐसा व्यवहार!
और अपनों के प्रति ऐसा विचार?
नहीं होना चाहिए,
मुझे भी तो ऐसा नहीं सोचना चाहिए।
ये साजिश की बातें!
कहीं ओछी तो नहीं?
मेरा वहम, भ्रम भी हो सकता है।
न आने की कोई वजह हो सकती है,
खामख्वाह देरी होने पर-
दिलो-दिमाग में ऋणात्मकता पनपती है;
इसलिए बहकी बहकी बातें-
मन मस्तिष्क में उपजती हैं।
अजीब अजीब सी फीलिंग होती है,
लेकिन
वो ऐसा तो नहीं कर सकती;
प्यार जो मुझसे बहुत करती है।
वाकई देरी हो सकती है,
ट्राफिक में फंस सकती है।
न आने की हजार वजहें हैं,
ये साजिश वाजिश ठीक नहीं;
अपने वहम को रखो काबू में-
यह प्रेम है।
कोई युद्ध नहीं!
धीरे धीरे आती है/ होती है,
धीरे धीरे अन्तर्मन में समाती है।
भाव समर्पण का हो-
तो फिर एक सूत्र में बंध जाती है,
वरना राहें जुदा हो जातीं है।

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : 

लालच बुरी बलाय

Similar Posts

  • शहीद दिवस | Kavita Shaheed Diwas

    शहीद दिवस ( Shaheed Diwas ) फांसी के फंदे से,आजादी का सिंहनाद तेईस मार्च उन्नीस सौ इक्कतीस, दिवस अद्भुत मोहक सोहक । उमंग उल्लास प्रकृति पटल, कायिक प्रभा अनंत रोहक । असीम नमन दिव्य बलिवेदी, हिय हिलोरित राष्ट्र प्रेम निर्बाध । फांसी के फंदे से, आजादी का सिंहनाद ।। आत्मविश्वासी अभय कदम, चाल ढाल रण…

  • मन की पुकार | Man ki Pukar

    मन की पुकार हर धड़कन तेरे नाम से धड़कती है,तेरी यादों की लौ दिल में चमकती है।आज भी तेरी हंसी का दीवाना हूँ मैं,तुझसे बेशुमार प्यार निभाना चाहता हूँ मैं। तेरे कदमों की आहट अब भी सुनाई देती है,मेरे ख्वाबों में हर रात तू ही दिखाई देती है।तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा है मेरा,आज…

  • सब मौन क्यों | Poem sab maun kyon

    सब मौन क्यों ? ( Sab maun kyon ) *****  गिरी जीडीपी! बढ़ी महंगाई, डीजल पेट्रोल के मूल्य हैं हाई। कोरोना का हुआ आगमन, ताली थाली से हुआ स्वागतम! पहले शर्माया, फिर पूरी तैयारी कर आया। अब कहर ढा रहा है, दिनों-दिन रूला रहा है। बढ़ी हुई है बेकारी, चहुंओर है मारामारी। युवाओं की है…

  • मिलन की चाह | Chhand milan ki chah

    मिलन की चाह ( Milan ki chah )   मनमीत आओ मेरे, मिलन की घड़ी आई। चाहत की शुभवेला, दौड़े चले आइए।   मौसम सुहाना आया, रूत ने ली अंगड़ाई। मिलन को प्रियतम, प्रेम गीत गाइए।   खुशबू ने डाला डेरा, महका दिल हमारा। लबों पे तराने प्यारे, मधुर सुनाइए।   दिल में उमंगे छाई,…

  • अक्षय तृतीया का महत्व | Akshaya Tritiya ka Mahatva

    अक्षय तृतीया का महत्व ( Tritiya ka Mahatva )   अक्षय तृतीया का शुभ दिन, शुरू होते सब काज। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष, तिथि तृतीय आज। ब्रह्मपुत्र अक्षय का जन्म, हुआ तिथि थी आज। परशुराम के शुभावतरण से, धरा बना बिना राजा। मां गंगा धरती पर आई, अन्नपूर्णा का अवतरण। खजाना मिला कुबेर को,…

  • Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -आफर

    आफर ( Offer )   क्या  कोई  ऐसा  भी  है  जो, दुखी  हृदय  घबराए। प्रेम दिवस पर मुझे बुलाकर,पिज्जा, केक खिलाए।   इससे  पहले  भाग्य  अभागा, सिंगल  ही मर जाए। फोन  करे  हुंकार  को  पहले, आकर  आफर पाए।   आँखों  मे  आँखो  को  डाले, मन  की  बात  करेगे। पुष्प  गुलाब  का  तुम  ले आना, बालों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *