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वशीकॄत खामोशी | Vashikrit Khamoshi
ByAdminवशीकॄत खामोशी ( Vashikrit Khamoshi ) अनिश्चित अपरिचित भयावह सी खामोशी गहरे छाप छोड़ और हावी होकर मेरे अन्तर्मन पर मुझे धकेलने की कोशिश करती पश्चाताप और ग्लानि के निर्जन कुंए में.. अनियंत्रित अदमित जुनूनी सी मोहब्बत अमानचित्रित और निषेधित करती खामोशी के चिन्हों को वशीकरण से रूह को तर जाने के लिए प्रेेम…

मैं माटी का दीपक हूँ
ByAdminमैं माटी का दीपक हूँ जन्म हो या हो मरणयुद्धभूमि में हो कोई आक्रमणसरण के अग्निकुण्ड का हो समर्पणया पवित्र गंगा मे हो अस्थियों का विसर्जनमैं जलाया जाता हूँमाटी का दीपक हूँ ….अंत में इसी रजकण मे मिल जाता हूँमैं माटी का दीपक हूँमाना की नहीं हैसूर्य किरणों सी आभा मुझमेचंद्र सी नहीं है प्रभाअसंख्य…

भारत की बुलंद तस्वीर
ByAdminभारत की बुलंद तस्वीर पढ़ा था अखबारों मेंसुना था समाचारों में हम देश को विकसितकर चुके हैं सब के भविष्य कोसुरक्षित कर चुके हैं आज देखा मैंने दिल्लीकी कड़कती धूप पर नन्हे मुन्ने घूम रहे थेनंगे पांव उसे पथ पर दिल्ली की सड़कों पर अड़ेकड़क धूप पर खड़े दिल्ली की सड़कों पर अड़ेकड़क धूप पर…

नैनो का अंदाज़ जुदा | Nain par Kavita
ByAdminनैनो का अंदाज़ जुदा ( Naino ka andaz juda) आंखें सबकी एक जैसी देखने का अंदाज़ जुदा। नज़ाकतें भांति भांति की नजरें होती जब फिदा। कोई तिरछी नजरें झांके टिक टिक नजर गढ़ाए। ललचाई आंखों से कोई मन ही मन मलाई खाए। नेह सी आंखों से झरते अनमोल मोती प्यार भरे। खुल जाते दिल…

आजादी का अमृत उत्सव | Poem azadi ka amrit utsav
ByAdminआजादी का अमृत उत्सव ( Azadi ka amrit utsav ) आजादी का अमृत उत्सव, घर में चलो मनायेंगे। पापा ला दो एक तिरंगा, गीत वतन के गायेंगे।। वीर शहीदों की कुर्बानी, फिर से याद करेंगे हम भारत माँ की जय जयकार, मिलकर आज कहेंगे हम रंगोली तोरन हारों से, आँगन खूब सजायेंगे। पापा ला…

मेरी हिंदी महान है | Meri Hindi Mahan Hai
ByAdminमेरी हिंदी महान है ( Meri Hindi Mahan Hai ) सारे जग में मेरी हिंदी महान है,हिंदी से ही तो मेरा यह हिंदुस्तान है।ज्ञान का भंडार है वर्णों का रूप है,हिंदी ही तो मेरी आन,बान,शान है।। हिंदी हमारी है धरोहर सारे जहान की,हिंदी से ही होती मेरी,जग ने पहचान की।हिंदी भाषा नहीं विविधता की एकता…

