लालच बुरी बलाय

लालच बुरी बलाय

लालच बुरी बलाय

*****

सदैव हलाल की कमाई खाएं,
किसी के आगे हाथ न फैलाएं।
ऊपर वाला जिस हाल में रखें-
ख़ुशी ख़ुशी जीवन बिताएं,
आवश्यकता से अधिक न चादर फैलाएं;
बस अपना काम ईमानदारी से करते जाएं।
बरकत और अल्ल्लाह की रहमत-
खुद चलकर आपके द्वार आए,
फिर काहे को हाय हाय?
सब जानते है-
एक पाई भी साथ न जाए?
सब्र करने वाला ही खुदा को भाए।
मेहनत ईमानदारी की कमाई से-
दाल रोटी जो चल जाए,
वहीं बड़ी बात है भाय;
खुदा को भी यही सुहाय।
आखिरत उसकी बन जाए,
जो सदैव नेक अमाल करते जाएं।

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : 

बातें

Similar Posts

  • संत्रास | Gitika chhand

    संत्रास ( Santras )   ईर्ष्या, पीड़ा, शत्रुता, अति, अभाव का त्रास ! हीन भावना , विवशता , से निर्मित संत्रास !!   मन में पाया बिखरता, जब इनका अंधियार चाहा कारण खोज ले, क्यों है यह प्रतिभास !!   मन ने सुन ली सहज ही , मन की सारी पीर समझ लिया था जान…

  • चाँद को निखार कर

    चाँद को निखार कर चाँद को निखार कर आज बहुत प्यार दूँ,प्रेमिका की झूमती लटे बिन कहे संवार दूँ निज हृदय प्रतीत होते प्रेम की बात हैछोड़कर समाज य़ह कामना की बात हैहृदय के प्रकोष्ठ यूँ अनुभाव कांपते रहेहृदय को न्यौछावर कर भावना की बात हैरूप कांच को छुए नहीं दृश्य को संवार लूँअपनी निश्चल…

  • Best Hindi Kavita | Best Hindi Poetry -मन की बातें

    मन की बातें ( Man ki Baaten )     इस रात मे  तन्हाई  हैं, बस मैं हूँ और परछाई है। खामोश से इन लम्हों में, हुंकार और रूसवाई है।   ऐसे मे तुम आ जाओ गर,खामोशी में शहनाई है। कहता है मन बेचैन है,तुम आ मिलो ऋतु आई है।   ठण्डी हवा मदमस्त है,फिंजा…

  • खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं

    खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं     खूबसूरत है बोलने का ही उसे लहज़ा नहीं! सच कहूँ मैं प्यार से ही पेश वो आता नहीं   सोचकर करना है ये  इजहार दिल से प्यार तू प्यार का आसान देखो ये इतना  रस्ता नहीं   प्यार से देखें हमेशा के लिये मुझको वही…

  • साहब | Sahab par Kavita

    साहब ( Sahab )   जब भी मुॅंह को खोले साहब। कड़वी बोली बोले साहब।   नफरत दिल में यूॅं पाले हैं, जैसे साॅंप, सॅंपोले साहब।   राजा के संग रंक को क्यों, एक तराजू तोले साहब।   भीतर कलिया नाग बसा है, बाहर से बम भोले साहब।   वोट के लिए दर-दर घूमे, बदल-बदल…

  • मृदुल वाणी | Mridul Vani

    मृदुल वाणी ( Mridul vani )    मृदुल वाणी मधुर वचन मन मोह लेते बोल सदेव मीठी वाणी मन मोह लेते मोर बोले मृदुल नाचे वन उपवन में मोरनी का मन भावन वन उपवन में मोर रंग रूप-स्वरूप सुंदर सुहाना सलोना मानव प्राणी सुन तान पावन सुहाना सलोना सुंदर स़ूरत मोहक मूर्त पग काले कलूटे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *