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सियासत बहुत है | Siyasat Par Kavita
ByAdminसियासत बहुत है ( Siyasat bahot hai ) मेरी तालीम मुझसे कहती सियासत बहुत है… हंसती दुनिया को रुलाती सियासत बहुत हैl कोई हमें बताए जरा हम महफूज कैसे रहे ….. भाई को भाई से लड़ाती सियासत बहुत है। फूलों की खुशबू सा महकता जीवन अपना …. हवाओं में जहर घोलती सियासत…

गोरी नखराली | फागुनी धमाल
ByAdminगोरी नखराली ( Gori nakhrali ) गोरी नखराली नथली थारी हंस बतलावे ए गोरी नखराली-नखराली गोरी गोरा गोरा गाल गुलाबी थारा नैणां तीर शराबी फागण आयो मस्त महीनों ल्यायो गुलाल गुलाबी थारी तिरछी तिरछी चाल रसीला होठ करै बदहाल चाल थोड़ी धीमै चालो ए गिगनार गोरी नखराली नखराली गोरी फागण म गोरी…

ये मछलियां
ByAdminये मछलियां ! मछलियां अक्सर ज़िन्दा रह जाती हैंअपने गिल्स फड़फड़ाते,छिपा जाती है लिंब। स्त्री भी ज़िंदा रह जाती हैपलकें फड़फड़ाती अपने श्वसन तंत्र में।धरती को ही तो देख पाती है,अपने ही किसी चाँद में तैरते हुएऔरछिपा लेती है अपना स्त्री लिंग। अपने माथे की बिंदी को मानती है,मछलियों का चूमना।ये भी एक शगुन हैक्योंकि…

प्रभु श्री राम आएंगे | Prabhu Shri Ram Aayenge
ByAdminप्रभु श्री राम आएंगे ( Prabhu Shri Ram Aayenge ) कलयुग का कलुष मिटाने ,प्रभु श्री राम आएंगे ऊर्जस्वित अब हर कदम, मुखारबिंद जय श्री राम । दर्शन आतुर नयन पलक, निशि दिन सुबह शाम । सर्वजन संताप हर कर, हर्ष उत्साह उमंग जगाएंगे । कलयुग का कलुष मिटाने, प्रभु श्री राम आएंगे ।। उर…

आया प्यारा बाल दिवस | Bal Diwas par Kavita
ByAdminआया प्यारा बाल दिवस ( Aaya pyara bal diwas ) खुशियाॅं देकर जाता है सब को हर वर्ष, आज फिर से आया प्यारा बाल दिवस। होती है अंताक्षरी वाद-विवाद एवं खेल, नेहरु जी का मनातें सभी जन्म-दिवस।। बाल दिवस भी कहते इस दिन को सब, चाचा नेहरु कहकर बुलाते उनको तब। प्यार…

हाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं
ByAdminहाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं हाथ में वरना मेरे ख़ंजर नहीं! दुश्मनों के छोड़ता मैं सर नहीं कट रही है जिंदगी फुटफाट पे मासूमों पे सोने को बिस्तर नहीं लौट आया शहर से मैं गांव फ़िर ढूंढ़ता से भी मिला वो घर नहीं सिर्फ़ आता मंजर नफ़रत का नजर…

