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जिंदगी तूं हमें कमज़ोर न कर
ByAdminजिंदगी तूं हमें कमज़ोर न कर छोड़ जिद जाने की अब जोर न कर। जिंदगी तूं हमें कमजोर न कर।। जाग जायेंगे क्या क्या बोलेंगे, अरी पायल तूं इतना शोर न कर।। कौन रह जायेगा इस दुनिया में हादसे इस कदर हर ओर न कर।। जब सभी लोग बुरा कहते…
आरंभ ही अंत है | Aarambh hi Ant Hai
ByAdminआरंभ ही अंत है ( Aarambh hi ant hai ) मत सोच ये कि तूने क्या किया है, जो पाया उसमें भी कुछ खोया है, हर हार में भी तेरी जीत है, कितना भी सुलझा ले खुद को तू, तुझे नीचा दिखाना यही दुनियां की रीत है, तू गिरकर संभलने के भरसक प्रयास कर,…
गुरु क्या होते है | Guru Kya Hote Hain
ByAdminगुरु क्या होते है ( Guru Kya Hote Hain ) माता पिता ने पैदा किया, और दिया गुरु ने ज्ञान।। लाड प्यार दादा दादी ने दिया और दिया गुरु ने अच्छे बुरा का ज्ञान। हृदय में जब भी उठे विकार शांत उन्हें गुरु ने कर दिया। इसलिए आभार गुरु करता हूँ।। माता पिता ने पैदा…
आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanp
ByAdminआस्तीन का सांप ( Aasteen ka sanp ) कोई भी नहीं बनना यह आस्तीन का सांप, दोस्त अपनें हृदय को रखना हमेशा साफ़। नहीं सोचना कभी भी बुरा किसी का आप, अपना या पराया एक बार तों करना माफ़।। जिसमें जो है खाता उसी मे छेद ना करना, अपना हो या पराया…
वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए
ByAdminवक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए ऊंचे नीचे पथरीले रास्ते का प्रारब्ध सफर कारवां गुजर जाने के बाद धुंधला दिखा जीवन का बहुमूल्य अंश बीत जाने पर अस्थिर और अविचर सी दशा में रुका बीते लम्हेंआंखों में कैद कुछ इस तरह हुए डूबे जैसे दरिया में हम समंदर छोड़कर…
मन की पीड़ा
ByAdminमन की पीड़ा मन की पीड़ा से जब कांपीं उंगली तो ये शब्द निचोड़ेअक्षर-अक्षर दर्द भरा हो तो प्रस्फुटन कहाँ पर होगा अभिशापों के शब्दबाण लेकर दुर्वासा खड़े हुए हैंकैसे कह दूँ शकुन्तला का फ़िर अनुकरण कहाँ पर होगा नया रूप धर धोबी आए मन में मैल आज भी उनकेईश्वर ही जाने सीता का नव…

