लागत | Laagat

लागत

( Laagat ) 

 

महज कामयाबी के स्वप्न से ही
कामयाबी नहीं मिलती
जीवन तो सफर है गाड़ी सा
जो बिना ईंधन नही चलती..

माना की ख्वाब आपके ऊंचे हैं
सोच और विचार भी उज्जवल
जुनून और प्रयास के अभाव मे
रेत के महल से अधिक कुछ नहीं…

सुंदरता मे आकर्षण तो है
किंतु,पाने के लिए उसे
स्वयं की सुंदरता भी जरूरी है
फिर वो चाहे कर्म की हो या धन की..

काफिले को सरदार चाहिए
भीड़ तो दिशा हीन ही होती है
सरोवर मे उठती तरंगों को
हवा का बहाव चाहिए…

कामयाबी ही परिणाम है कर्म का
प्रयास ही प्रमाणपत्र
मूल्यवान सफलता हेतु
श्रम की लागत तो लगानी ही होगी..

 

मोहन तिवारी

 ( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

कर्मफल | Karmaphal


Posted

in

by

Tags:

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *