लड़की हूँ तो क्या हुआ

लड़की हूँ तो क्या हुआ | Ladki hun to kya hua | Kavita

लड़की हूँ तो क्या हुआ

( Ladki hun to kya hua )

 

 

दुनिया में पीड़ा बहूत है

कब तक तु अपने दुखों को गाएगी

इस मतलब भरी दुनिया में

क्या तु अपने लिए सहारा ढूँढ पाएगी

 

अकेली निकल उजाले की खोज में

अंधकार भी पीछे छूट जाएगा।

और जहाँ तक बात रही

 मुश्किलो की ,उसे तेरा डर डराएगा

 

इन गुमनाम रास्तों में कोई न कोई

सूरज बन राह दिखाएगा।

और जिस दिन तेरे कदम डग मगाए

उस दिन गगन भी कप कपाएगा।

 

कभी न कभी यह दुनिया

तेरे ऊपर सवाल उठाएगी।

कह देना कि “में लड़की हूँ तो क्या हुआ ?

क्या रसोई ही मेरी पहचान बनी रे जाएगी।

 

 

❣️

लेखक : दिनेश कुमावत

 

यह भी पढ़ें :-

ख़ामोश लब | Ghazal khamosh lab

 

 

 

Similar Posts

  • बातें | Baten kavita

    बातें ( Baten )   छुपा के रखेंगे सारी बातें । काट वे देंगे हमारी बातें ।। बात तो बात है दबंगों की । चुप्पी साधेंगी बेचारी बातें ।। गले मिलकर हमारे दोस्त सदा । करेंगे  हमसे  दुधारी  बातें ।। हमें अच्छे बुरे से क्या मतलब । हम  तो  बोलेंगे करारी बातें ।। परिंदे   कांपते …

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय ( द्वितीय ) दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय ( द्वितीय )दिवस भुवाल माता का नाम मंगलकारी है ।आत्म रमण री सुखद सवारी हैं ।भव कम करने री सुखद सवारी है ।भुवाल माता का नाम मंगलकारी है ।बनती शान्त तरंगें मन की स्वस्थ ह्रदय की भावना ।जागृत बनती क्षण – क्षण में सोई हुई सम्भावना ।भुवाल माता का…

  • ज़िंदगी की रेस | Zindagi ki Race

    ज़िंदगी की रेस ( Zindagi ki race )    ज़िंदगी की रेस बहुत लंबी है, कभी धूप कभी छांव है, कभी फूलों भरी राह, तो कभी कांटों भरी राह में भी नंगे पांव है, कभी आज़ाद परिंदे सा, तो कभी हर तरफ़ बेड़ियां है, कभी हर तरफ़ खुशियों का सवेरा, तो कभी खुद से खुद…

  • ननिहाल | Kavita Nanihal

    ननिहाल ( Nanihal ) नानी का घर ननिहाल, छुट्टियों में मौज मनाते हैं। मां के संग में कई दिनों, हम ननिहाल हो आते हैं। मामा मामी मौसी मौसी, लाड दुलार भरपूर करते। नाना नानी हंस हंस कर, सिर पर अपने हाथ धरते। खेलकूद मटरगश्ती का, अद्भुत ठौर ठिकाना है। स्कूल की छुट्टियों में हमें, फिर…

  • जेठ की दुपहरी | Jeth ki Dupahari

    जेठ की दुपहरी ( Jeth ki Dupahari )   तू चलना मत छोड़ना, आगे बढ़ना मत छोड़ना। सफलता मिले या ना मिले, पीछे मुड़कर कभी ना देखना।। तू परेशानियों से ना घबरा, जेठ की दुपहरी से मत कतरा। डगमगा मत अपनें पाँवो से, दौड़ता चल अपनी रफ्तार से।। तू दौड़ में प्रथम भले ही ना…

  • रखवारे राम दुलारे | Bhajan Rakhware Ram Dulare

    रखवारे राम दुलारे ( Rakhware Ram Dulare )     रखवारे रखवारे, हे हनुमत राम दुलारे। अंजनी के लाला आजा, आजा हनुमान प्यारे। रखवारे रखवारे -2   गिरि द्रोण संजीवनी लाए, लक्ष्मण प्राण बचाए। सिंधु पार सीता माता को, ले मुद्रिका दे आए। आग लगा पूंछ को सीधे, जला दिए घर द्वारे। दहक उठी लंका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *