Nema poetry

थोड़े इसके शब्द ले लिये | Nema poetry

थोड़े इसके शब्द ले लिये

( Thode iske shabd le liye )

 

थोड़े  इसके शब्द  ले  लिये, थोड़े  इसके  भाव।
चोरी कर कविता लिख डाली, मूछों पर दे ताव।।

मूछों  पर  दे  ताव,  बड़े  कवि  कहलाते
मंचों पर वो ताल ठोक, कविता कह जाते

कह “चंचल” कविराय, ये साहित्यिक फोड़े
इनसे  ईश  बचाये, बंद डालिए थोड़े थोड़े।

🌸

कवि भोले प्रसाद नेमा “चंचल”
हर्रई,  छिंदवाड़ा
( मध्य प्रदेश )

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