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रामनवमी | Ram navmi kavita
ByAdminरामनवमी ( Ram navmi ) रघु कुल में उत्पन्न दशरथ लाल राम कोशल्या की कोख से दशरथ लाल राम सनातन में शुभ दिवस नवमी राम जन्म अवध नगरी जगमग हुआ राम का जन्म घर में हर्ष अपार सजी आंगन रंगोली नगर में ख़ुशी छाई ढोल बजाता ढोली थाल भर मोतियों दासियां कर रही दान…

चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा | Kavita Chand
ByAdminचांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप मैंने देखा ( Chand bhi fika pad jaye aisa roop mein ne dekha ) चांद भी फीका पड़ जाए ऐसा रूप है मैंने देखा उतरी हो अप्सरा कोई या भाग्य की किस्मत रेखा मधुर मधुर मुस्कान बिखेरे छैल छबीली चले चाल महक उठता मधुबन सारा मन के…

सूर्योदय | Suryoday par kavita
ByAdminसूर्योदय ( Suryoday ) पूरब में छा गई लाली धूप खिली है मतवाली। रश्मि रथ पर हो सवार सूर्योदय छटा निराली। पंछी कलरव गीत गाते भंवरे मधुबन लहरी गाई। भोर की बेला मुस्काती सूर्योदय हुआ जागो भाई। सूरज किरणें धरती छाई शुभ प्रभात बेला आई। हरियाली ने पांव पसारे मधुर मधुर बही…

विदाई का पल | Beti ki bidai par kavita
ByAdminविदाई का पल ( Bidai ka pal ) एक एक करके मेरे आँगन में चहकती महकतीं फुदकती चिड़िया जा रही है मुझसे दूर…. नयें आशियानें में तुम्हें याद है प्रिया बेटा जब कोचिंग संस्थान में तुम्हें छोड़ते समय मैंने देखी थी तुम्हारी भरी भरी आँखें और पूछते ही मेरे सीने से लगकर तुम रोने…

नरक चतुर्दशी | Narak chaturdashi kavita
ByAdminनरक चतुर्दशी ( Narak chaturdashi ) नरक चतुर्दशी नाम है सुख समृद्धि का त्यौहार रूप चौदस कहते इसे सुहागने करती श्रंगार यम का दीप जलाया जाता सद्भाव प्रेम जगाया जाता बड़े बुजुर्गों के चरण छू कर खूब आशीष पाया जाता छोटी दिवाली का रुप होती रोशनी अनूप होती सजावट से रौनक…

सबके सहारे राम | Sabke Sahare Ram
ByAdminसबके सहारे राम ( Sabke Sahare Ram ) विधा कृपाण घनाक्षरी राम राम भज मन, पुलकित तन मन। रघुवर राजाराम, लीला है अपरम्पार। राघव राम रट लो, जय श्रीराम भज लो। अवधपुरी पधारे, रघुपति करतार। जन जन प्यारे राम, सबके सहारे राम। मंझधार डूबी नैया, रामजी लगा दे पार। ऋषि मुनि ध्यानी योगी, माला…

