मन और तन | Man aur tan

मन और तन

( Man aur tan )

 

इस जीवन में कोई नहीं ईश्वर के बिना,
इंसानों ने तो कर दिया मुश्किल जीना,

आज इसके तो कल उसके हो जाते है,
हर दिन नए परिंदो से मिल जाते है,

ना भावनाओं की कद्र उनको, ना ही मेरे मन की,
उन्हें तो होड़ मची है पाने को केवल तन की,

दुनियां भी ऐसी की जिस्मों को लुटा देता है,
करते जो यहां रूह से मोहब्बत उसे झूठ ठहरा देता है।।

 

रचनाकार : योगेश किराड़ू
बीकानेर ( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

ईश्वर को तू अपना बना ले | Ishwar ko tu Apna Bana le


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *